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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज कॉमनवेल्थ सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे

3 Feb 2024 3:47 AM IST
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज कॉमनवेल्थ सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
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दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगभग 10 बजे विज्ञान भवन में कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (सीएलईए) - कॉमनवेल्थ अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल कॉन्फ्रेंस (सीएएसजीसी) 2024 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जनसमूह को भी संबोधित करेंगे। सम्मेलन का विषय "न्याय वितरण में सीमा पार चुनौतियां" है। यह सम्मेलन कानून और न्याय से संबंधित महत्वपूर्ण …

दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगभग 10 बजे विज्ञान भवन में कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (सीएलईए) - कॉमनवेल्थ अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल कॉन्फ्रेंस (सीएएसजीसी) 2024 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जनसमूह को भी संबोधित करेंगे। सम्मेलन का विषय "न्याय वितरण में सीमा पार चुनौतियां" है। यह सम्मेलन कानून और न्याय से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे न्यायिक परिवर्तन और कानूनी अभ्यास के नैतिक आयामों पर विचार-विमर्श करेगा; कार्यकारी जवाबदेही; और अन्य बातों के अलावा आधुनिक कानूनी शिक्षा पर दोबारा गौर करना।
इस सम्मेलन में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ एशिया-प्रशांत, अफ्रीका और कैरेबियन में फैले राष्ट्रमंडल देशों के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर की भागीदारी होगी। यह सम्मेलन राष्ट्रमंडल कानूनी बिरादरी में विभिन्न हितधारकों के बीच बातचीत के लिए एक मंच प्रदान करके एक अद्वितीय मंच के रूप में कार्य करता है। इसमें कानूनी शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय न्याय वितरण में चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक व्यापक रोडमैप विकसित करने के उद्देश्य से अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल के लिए तैयार एक विशेष गोलमेज सम्मेलन भी शामिल है।

आधुनिक शिक्षा पर विचार-विमर्श किया जाएगा
पीएमओ के मुताबिक, इस अवसर पर मोदी उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। इस सम्मेलन का विषय ‘न्याय वितरण में सीमा-पार चुनौतियां’ है। इसमें कानून और न्याय से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे न्यायिक परिवर्तन और कानूनी कार्य प्रणाली के नैतिक आयाम, कार्यकारी जवाबदेही और अन्य बातों के अलावा आधुनिक कानूनी शिक्षा पर पुन: ध्यान देने के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा।

विशेष गोलमेज सम्मेलन का भी होगा आयोजन
इस सम्मेलन में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ–साथ एशिया–प्रशांत, अफ्रीका और कैरेबियन में फैले राष्ट्रमंडल देशों के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर शामिल होंगे। यह सम्मेलन राष्ट्रमंडल देशों की कानूनी बिरादरी के विभिन्न हितधारकों में बातचीत के लिए एक विशिष्‍ट मंच के रूप में कार्य करता है।

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