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अंतरराष्ट्रीय सहयोग
Delhi दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने कभी भी विदेशों से मिले निर्देशों या दबावों का पालन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की परंपरा रखता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए हुए है।
पुतिन ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के प्रमुख देशों में भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद संबंध रहे हैं, जो विभिन्न वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद कायम हैं।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि द्विपक्षीय संबंध आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित हैं। पुतिन ने यह भी कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हमेशा संतुलित और स्वतंत्र रुख अपनाया है। उनके अनुसार, यही कारण है कि भारत वैश्विक स्तर पर एक जिम्मेदार और प्रभावशाली देश के रूप में उभरा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक राजनीति में कई बड़े मुद्दों पर देशों के बीच रणनीतिक संतुलन और स्वतंत्र विदेश नीति की अहमियत बढ़ रही है। भारत और रूस के बीच दशकों पुराने संबंधों को दोनों देशों द्वारा लगातार मजबूत किया जा रहा है, जिसमें आर्थिक, सामरिक और तकनीकी सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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