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कोरोना के खिलाफ जंग में नर्सों के योगदान पर राष्ट्रपति कोविंद ने किया सराहना, बोले- 'इस बलिदान के लिये देश हमेशा उनका कर्जदार रहेगा'

Kunti
15 Sep 2021 5:57 PM GMT
कोरोना के खिलाफ जंग में नर्सों के योगदान पर राष्ट्रपति कोविंद ने किया सराहना, बोले- इस बलिदान के लिये देश हमेशा उनका कर्जदार रहेगा
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में नर्सो के योगदान की सराहना की.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में नर्सो के योगदान की सराहना की. राष्ट्रपति कोविंद ने बुधवार को कहा कि भारत में एक दिन में एक करोड़ से अधिक लोगों के टीकाकरण का अहम पड़ाव नर्सिंग कर्मियों के समर्पण और अथक प्रयासों के कारण ही संभव हुआ है .राष्ट्रपति ने नर्सिंग कर्मियों को डिजिटली नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान करने के अवसर पर यह बात कही .

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अवार्ड देते हुए कहा, ''नर्सों की लगातार दी गयी मदद ने कोविड-19 महामारी से लड़ने में हमारी सहायता की. उनके निरंतर प्रयासों के कारण ही हमने अपनी आबादी के एक बड़े हिस्से का टीकाकरण करने का गौरव हासिल किया है.'' उन्होंने कहा कि हमारी कई नर्सो ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवायी और पुरस्कार प्राप्त करने वालों में से एक ने कोविड-19 के रोगियों का इलाज करते हुए अपनी जान गंवायी. राष्ट्रपति ने कहा, ''इस बलिदान के लिये देश हमेशा उनका ऋृणी रहेगा.''कोरोना से लड़ने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बीमा योजना
राष्ट्रपति भवन के जारी बयान के अनुसार, रामनाथ कोविंद ने कहा कि सेवाओं और बलिदान का मूल्यांकन किसी भी आर्थिक लाभ के लिहाज से नहीं किया जा सकता है. फिर भी सरकार ने महामारी के दौरान नर्सों के योगदान का सम्मान किया है. उन्होंने कहा कि सभी हेल्थ केयर वर्कर्स को 50 लाख रुपये का एक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवरेज देने के उद्देश्य से 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (PMGKP) योजना शुरू की है. ये कोरोना महामारी से लड़ने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बीमा योजना है.
राष्ट्रपति ने कहा कि नर्स और मिड वाइफ (दाई )अक्सर लोगों और स्वास्थ्य प्रणाली के बीच संपर्क का पहला बिंदु होती हैं. उन्होंने कहा कि नर्स और दाई न केवल स्वास्थ्य संबंधी सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान करती हैं बल्कि शिक्षा, लिंग संवेदीकरण और राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देती हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हमारे देश में नर्सिंग कर्मी नयी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिए खुद को ढाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब जो लोग नर्सिंग में लगे हैं, वे विशिष्ट कौशल और दक्षता हासिल कर सकते हैं. सरकार ने दाइयों का नया कैडर बनाने के लिए 'मिडवाइफरी सर्विस इनिशिएटिव' शुरू की है. उन्हें नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफ (NPM) कहा जाएगा जो अपेक्षित ज्ञान और दक्षताओं से लैस होंगी.
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