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PM Modi को भारतीय संस्कृति और संस्कृत पर पुस्तक भेंट की

SHIDDHANT
7 Feb 2026 8:49 PM IST
PM Modi को भारतीय संस्कृति और संस्कृत पर पुस्तक भेंट की
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Indian Heritage Society के प्रयासों की सराहना की
Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया में Malaysia India Heritage Society के प्रतिनिधियों से भेंट की और उनके द्वारा किए जा रहे भारतीय संस्कृति प्रचार कार्य की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि यह संस्था भारतीय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को मलेशिया में लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। भेंट के दौरान प्रतिनिधियों ने पीएम मोदी को एक पुस्तक भेंट की, जो संस्कृत भाषा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भूमिका पर आधारित है। पुस्तक में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार संस्कृत ने भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने में योगदान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि संस्कृत सिर्फ भाषा नहीं है, बल्कि यह भारतीय ज्ञान, दर्शन और संस्कृति की गहरी पहचान है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले महीने उन्होंने #MannKiBaat कार्यक्रम के दौरान भी इस संस्था और उनके प्रयासों की चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और शैक्षिक प्रयास भारत और मलेशिया के बीच मित्रता और सहयोग को और मजबूत बनाते हैं। Malaysia India Heritage Society के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका उद्देश्य मलेशिया में भारतीय संस्कृति, कला, संगीत और भाषा को व्यापक रूप से लोकप्रिय बनाना है। संस्था स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के महत्व को समझना और उसका प्रचार करना दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को उजागर करता है।

पीएम मोदी ने प्रतिनिधियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा कि भारत सरकार और भारतीय समुदाय इस तरह के सांस्कृतिक और शैक्षिक प्रयासों में हमेशा सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति का प्रचार और संरक्षण केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदायों के लिए भी गर्व और जिम्मेदारी का विषय है। भेंट के अंत में पीएम मोदी ने प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था भारतीय संस्कृति को मलेशिया में एक सशक्त और जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह के और कार्यक्रम और परियोजनाएं दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक सहयोग को बढ़ाएंगी।
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