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Kozhikode. कोझिकोड। केरल के कोझिकोड में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) की विस्तारित राज्य समिति की बैठक को लेकर पार्टी नेता एलामारम करीम ने अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए रणनीति पर चर्चा करना है। इसके साथ ही जन और वर्ग संगठनों को मजबूत करने पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा।
CPI(M) नेता एलामारम करीम ने विस्तारित राज्य समिति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें राज्य समिति के सदस्यों के अलावा जिलों से निर्वाचित प्रतिनिधि और पार्टी से जुड़े विभिन्न वर्ग एवं जन संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। करीम ने कहा, “यह एक विस्तारित राज्य समिति है। इसमें राज्य समिति के सदस्य, जिलों से निर्वाचित प्रतिनिधि और वर्ग एवं जन संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।” उन्होंने बताया कि बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
एलामारम करीम के मुताबिक, CPI(M) के सामने आने वाली राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों पर भी बैठक में विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट विरोधी ताकतों की ओर से पैदा की जा रही चुनौतियों का सामना करने के लिए पार्टी संगठन को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने पार्टी के साथ उसके जन और वर्ग संगठनों को भी अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। CPI(M) से जुड़े विभिन्न संगठन समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच काम करते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व का जोर इन संगठनों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और जमीनी स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर है।
विस्तारित राज्य समिति की बैठक में जिलों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पार्टी नेतृत्व को अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन की स्थिति और वहां मौजूद चुनौतियों के बारे में जानकारी मिलने का अवसर मिलेगा। प्रतिनिधियों से मिले सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है। करीम के बयान के मुताबिक, बैठक का प्रमुख एजेंडा पार्टी की संगठनात्मक क्षमता बढ़ाना और राजनीतिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करना है। साथ ही जनसंगठनों और वर्ग संगठनों की भूमिका को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
CPI(M) की इस बैठक को पार्टी की भविष्य की संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में होने वाली चर्चा के आधार पर पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी गतिविधियों और विभिन्न संगठनों के साथ समन्वय को आगे बढ़ाने की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व संगठन को मजबूत करने और करीम के शब्दों में “कम्युनिस्ट विरोधी ताकतों” से मिलने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने की रणनीति पर जोर दे रहा है।
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