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Moscow मॉस्को। भारत और रूस के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में दोनों देशों ने नई पहल पर चर्चा की है। मॉस्को में आयोजित 27वीं भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (Trade, Economic, Scientific, Technological and Cultural Cooperation) की बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार में संतुलन बनाने के लिए बाजार पहुंच बढ़ाना, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना, भुगतान प्रणाली को मजबूत करना और कारोबारियों के बीच सीधा सहयोग बढ़ाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत और रूस का साझा लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देशों को व्यापारिक बाधाओं को कम करने और नए अवसरों पर काम करने की आवश्यकता है। जयशंकर ने भारत-यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) मुक्त व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अब तक हुई चर्चाओं की समीक्षा करने और आगे की रणनीति तैयार करने का यह अच्छा अवसर है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और रूस के संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं और दोनों देश व्यापार, विज्ञान, तकनीक, ऊर्जा और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने आर्थिक साझेदारी को और विस्तार देने की जरूरत बताई। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और कारोबारी संबंधों को आसान बनाने के उपायों पर चर्चा की। भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने जैसे मुद्दे भी अहम रहे। भारत और रूस के बीच ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और औद्योगिक क्षेत्रों में पहले से सहयोग है। अब दोनों देश व्यापारिक संबंधों को और व्यापक बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि आने वाले वर्षों में आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई दी जा सके।
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