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Maharashtra महाराष्ट्र। वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने सोमनाथ सूर्यवंशी मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार और बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार की ओर से लाया गया प्रस्ताव तब तक व्यावहारिक रूप से प्रभावी नहीं होगा, जब तक आधिकारिक नियम लागू नहीं किए जाते। प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछली दो सुनवाइयों में पेश किए गए तर्कों को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने बताया कि 12 जून के अपने आदेश में अदालत ने संकेत दिया था कि जरूरत पड़ने पर वह खुद नियम तैयार कर सकती है।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के इस रुख को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक प्रस्ताव पेश किया है, ताकि बिना कानून में संशोधन किए प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। हालांकि, अदालत के समक्ष यह स्पष्ट किया गया कि जब तक आधिकारिक नियम लागू नहीं होते, तब तक इस प्रस्ताव का कोई वास्तविक महत्व नहीं है। आंबेडकर ने कहा कि किसी भी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट नियमों का होना जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक नियम लागू किए जाएं।
गौरतलब है कि सोमनाथ सूर्यवंशी मामले को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दल लगातार इस मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कदम उठाने की बात कही जा रही है। प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में केवल प्रस्ताव लाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर लागू करने के लिए ठोस नियम और व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत के निर्देशों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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