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Hubli हुबली: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हुबली के भवानी शंकर मंदिर पुष्करणी स्थल के पास चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने हुबली-धारवाड़ नगर निगम आयुक्त रुद्रेश घाली से इस निर्माण को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि पुरातत्व विभाग के नियमों के अनुसार संरक्षित मंदिर के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण कार्य की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद सड़क निर्माण कैसे शुरू किया गया। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थलों की सुरक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बिना आवश्यक अनुमति और नियमों का पालन किए निर्माण कार्य शुरू करने की मंजूरी किस आधार पर दी गई।
जानकारी के अनुसार, भवानी शंकर मंदिर पुष्करणी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय स्तर पर भी इस निर्माण को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने मामले का संज्ञान लिया और नगर निगम अधिकारियों से जवाब मांगा। केंद्रीय मंत्री ने पुरातत्व विभाग के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि संरक्षित स्मारकों और ऐतिहासिक स्थलों के आसपास निर्माण कार्य के लिए विशेष अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
उन्होंने नगर निगम आयुक्त से निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेज, अनुमति और प्रक्रिया की जानकारी देने को कहा है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि मंदिर क्षेत्र में सड़क निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से मंजूरी ली गई थी या नहीं। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उन्हें नियमों और विरासत स्थलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की स्थिति और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने की संभावना है।
भवानी शंकर मंदिर क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में मंदिर के आसपास किसी भी निर्माण कार्य को लेकर पुरातत्व विभाग के दिशा-निर्देश लागू होते हैं। फिलहाल नगर निगम आयुक्त की ओर से इस मामले में विस्तृत जवाब का इंतजार है। केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब इस निर्माण कार्य की प्रक्रिया और अनुमति को लेकर जांच की संभावना बढ़ गई है।
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