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यूपी में बिजली व्यवस्था होगी मजबूत SLDC के आधुनिकीकरण के निर्देश

Shantanu Roy
23 Sept 2026 7:29 PM IST
यूपी में बिजली व्यवस्था होगी मजबूत SLDC के आधुनिकीकरण के निर्देश
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Lucknow. लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए विद्युत प्रणाली के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लखनऊ स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और आवश्यक आधुनिकीकरण से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन राज्य की बिजली व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख सरकारी इकाई है और इसका मुख्यालय लखनऊ में है। एसएलडीसी परिसर भी लखनऊ के गोमती नगर स्थित विभूति खंड में है। निरीक्षण के दौरान बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर तालमेल, ग्रिड की स्थिरता और उपभोक्ताओं तक बिजली आपूर्ति बनाए रखने से जुड़ी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। एसएलडीसी की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के साथ निगरानी और लोड प्रबंधन की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
रियल टाइम मॉनिटरिंग पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान एसएलडीसी की कार्यप्रणाली, रियल टाइम ग्रिड मॉनिटरिंग, स्काडा सिस्टम और विद्युत भार प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों के साथ केंद्र की मौजूदा तकनीकी कार्यक्षमता और निगरानी प्रणाली पर भी चर्चा की गई। एसएलडीसी विद्युत उत्पादन और वितरण के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिजली की मांग का आकलन, ग्रिड संचालन की निगरानी और विद्युत लाइनों पर बढ़ने वाले भार को नियंत्रित करने जैसी व्यवस्थाएं लोड डिस्पैच प्रणाली से जुड़ी होती हैं।
ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग रोकने पर जोर
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने अधिकारियों को आने वाले समय में बिजली की मांग में संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए सतर्कता के साथ लोड प्रबंधन करने के निर्देश दिए। ग्रिड संचालन के दौरान अनावश्यक ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग को रोकने के लिए प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया गया। ट्रिपिंग या ब्रेकडाउन की स्थिति में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्रोतों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी रखने को कहा गया है।
नवीकरणीय ऊर्जा के प्रबंधन पर भी ध्यान
प्रदेश में सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से मिलने वाली बिजली को ग्रिड से जोड़ने के कारण प्रभावी निगरानी और लोड प्रबंधन की जरूरत भी बढ़ रही है। एसएलडीसी के आधुनिकीकरण के जरिए बदलती बिजली मांग और अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली विद्युत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर है। इसके साथ ही एबीटी मीटरिंग और ग्रिड से संबंधित अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने का लक्ष्य
प्रदेश सरकार का जोर बिजली व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और ग्रिड संचालन को अधिक प्रभावी बनाने पर है। एसएलडीसी के आधुनिकीकरण से रियल टाइम निगरानी मजबूत करने, तकनीकी समस्या सामने आने पर तेजी से प्रतिक्रिया देने और विद्युत भार को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलने की अपेक्षा है। विद्युत व्यवस्था में सुधार का सीधा संबंध उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली से है। ऐसे में तकनीकी आधुनिकीकरण के साथ ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की स्थिति में त्वरित बहाली की व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसएलडीसी में प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य प्रदेश की बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप ग्रिड प्रबंधन को सक्षम और विश्वसनीय बनाना है।
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