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25 करोड़ की सट्टा-पट्टी पुलिस ने पकड़ी, 11 सट्टेबाज गिरफ्तार

Nilmani Pal
1 Jun 2026 7:04 AM IST
25 करोड़ की सट्टा-पट्टी पुलिस ने पकड़ी, 11 सट्टेबाज गिरफ्तार
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वाराणसी। आईपीएल (IPL) के फाइनल मुकाबले के दौरान चल रहे एक हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। वाराणसी की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और कैंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार की देर रात टकटकपुर इलाके की एक वीरान कॉलोनी के फ्लैट में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 11 शातिर सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से 9 सट्टेबाज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के रहने वाले हैं, जबकि 2 स्थानीय निवासी हैं। पुलिस की शुरुआती वित्तीय जांच में सामने आया है कि केवल आईपीएल के फाइनल मैच के दिन ही इस गैंग ने करीब 25 करोड़ रुपये का ऑनलाइन सट्टा लगवाया था।

एसओजी (SOG) प्रभारी गौरव सिंह ने इस बड़े नेटवर्क के तौर-तरीकों का खुलासा करते हुए बताया कि ये सट्टेबाज बेहद शातिर हैं। मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े महानगरों में पुलिस की कड़ी निगरानी और पकड़े जाने के लगातार डर के कारण, इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी को अपना 'सेफ हाउस' चुना था। आरोपियों ने पूरे आईपीएल सीजन के दौरान बनारस में पैर जमाने के लिए कैंट क्षेत्र के टकटकपुर में एक रिहायशी कॉलोनी के बीचों-बीच एक फ्लैट किराए पर लिया था, ताकि किसी को भनक न लगे। वे इस शांत रिहायशी इलाके के फ्लैट में बैठकर पूरे देश के सटोरियों को ऑपरेट कर रहे थे और आईपीएल के हर मैच पर करोड़ों का दांव लगवा रहे थे।

देर रात जब पुलिस टीम ने फ्लैट का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कमरे के भीतर दर्जनों मोबाइल और लैपटॉप चालू हालत में थे, जिन पर सट्टे के भाव चल रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी संख्या में अत्याधुनिक लैपटॉप, की-पैड और एंड्रॉइड मोबाइल फोन, वॉयस रिकॉर्डर, टैबलेट, इंटरनेट राउटर्स और सट्टे का पूरा हिसाब-किताब रखने वाले कई डिजिटल रजिस्टर बरामद किए हैं। इसके साथ ही सट्टेबाजों के पास से भारी मात्रा में नगदी और विभिन्न फर्जी नामों से खोले गए बैंक खातों की पासबुक व एटीएम कार्ड भी जब्त किए गए हैं, जिनके जरिए करोड़ों के ट्रांजैक्शन किए जा रहे थे।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे साधारण फोन कॉल के बजाय पूरी तरह से डिजिटल और एन्क्रिप्टेड माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। इस नेटवर्क को चलाने के लिए उन्होंने टेलीग्राम (Telegram) और व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर कई सीक्रेट और वीआईपी ग्रुप्स बना रखे थे। इन ग्रुप्स के जरिए वे देश के अलग-अलग राज्यों, विशेषकर महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली के सटोरियों से सीधे जुड़े हुए थे। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा और बैंक खातों को खंगाल रही है, ताकि इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना और इसमें शामिल अन्य सफेदपोशों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने सभी के खिलाफ जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।


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