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ऑपरेशन व्रज प्रहार में बड़ी कार्रवाई
बारां। राजस्थान की बारां जिला पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन व्रज प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो कथित नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 9 करोड़ 94 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंधाशु के अनुसार, ऑपरेशन व्रज प्रहार के तहत मुरली मीणा और घांसीलाल मीणा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए न्यायालय में कुछ दस्तावेज पेश कर संपत्तियों को वैध दर्शाने की कोशिश की गई थी।
इसके बाद पुलिस ने दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों का सत्यापन कराया। जांच पूरी होने के बाद करीब 9 करोड़ 94 लाख रुपए की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की गई। इसमें करीब 5 करोड़ 90 लाख रुपए की अचल संपत्ति शामिल है। इसके अलावा चल संपत्तियों और बैंक खातों पर भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मुरली मीणा से जुड़े ठिकानों से चार कार, पांच मोटरसाइकिल और दो ट्रैक्टर भी जब्त किए हैं। अन्य वाहनों को लेकर भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। कुछ मामलों में बैंक गारंटी से संबंधित आदेश जारी किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुरली मीणा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत नौ मामले दर्ज हैं, जबकि घांसीलाल मीणा के खिलाफ तीन प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। दोनों आरोपियों से जुड़े मामले छीपाबड़ौद थाने में दर्ज होने की जानकारी दी गई है। बारां पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन पर आर्थिक कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी या आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के नेटवर्क से जुड़ी आर्थिक जड़ों पर भी प्रहार करना है।
ऑपरेशन व्रज प्रहार के तहत जिले में लगातार निगरानी और जांच की जा रही है। पुलिस उन लोगों की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है, जिनके खिलाफ नशे के कारोबार से जुड़े मामले दर्ज हैं। बारां पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की बड़ी आर्थिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसी संपत्तियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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