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क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
एर्नाकुलम। केरल के एर्नाकुलम जिले में चेरानल्लूर सड़क हादसे की जांच तेज हो गई है। केरल हाईकोर्ट की ओर से न्यायिक अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) और फोटोग्राफिक ब्यूरो की टीम ने हादसे से जुड़े एक जज के फ्लैट का निरीक्षण किया। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए।
जज के फ्लैट पर पहुंची पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार, जांच टीम एर्नाकुलम के अलुवा स्थित फ्लैट पर पहुंची, जहां से दुर्घटना में शामिल कार के निकलने से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने फ्लैट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। जांच अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि हादसे से पहले वाहन कब निकला और उसे कौन चला रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, रविवार तड़के करीब 1:36 बजे नाबालिग युवक के कार लेकर अपार्टमेंट से निकलने के दृश्य सीसीटीवी में मिले हैं।
17 वर्षीय बेटे पर कार चलाने का आरोप
यह मामला 25 अक्टूबर को चेरानल्लूर कंटेनर रोड पर हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। आरोप है कि एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश का 17 वर्षीय बेटा मर्सिडीज-बेंज कार चला रहा था। इस दौरान कार ने स्कूटर सवार 55 वर्षीय जयबालकृष्णन को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक सड़क किनारे खाने की दुकान चलाते थे और घटना के समय घर लौट रहे थे।
हाईकोर्ट ने दी मामला दर्ज करने की अनुमति
केरल हाईकोर्ट ने 26 अक्टूबर को पुलिस को संबंधित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति दी थी। जज दुर्घटना में शामिल वाहन के पंजीकृत मालिक हैं। पुलिस ने नाबालिग को वाहन चलाने देने से संबंधित मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, जज ने पुलिस को बताया कि बेटे ने उनकी जानकारी के बिना कार निकाली थी।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जिला क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। पुलिस हादसे से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, वाहन की रफ्तार और घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। इस बीच दुर्घटना की शुरुआती जांच में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले में कथित लापरवाही की जांच शुरू की है।
पीड़ित परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग
जयबालकृष्णन के परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच कानून के अनुसार की जाएगी और सभी संबंधित साक्ष्यों की जांच होगी।
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