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PM मोदी स्वागत समारोह: ‘तिताह सरी राम’ वायांग कुलित पपेट शो ने किया मंत्रमुग्ध

SHIDDHANT
7 Feb 2026 9:15 PM IST
PM मोदी स्वागत समारोह: ‘तिताह सरी राम’ वायांग कुलित पपेट शो ने किया मंत्रमुग्ध
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पीएम मोदी ने की तारीफ
Malaysia मलेशिया। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय ने एक शानदार सांस्कृतिक प्रदर्शन का आयोजन किया। इस दौरान अकादमी अर्जुनासुक्मा के कलाकारों ने ‘तिताह सरी राम’ नामक वायांग कुलित पपेट शो प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजन का माध्यम बनी, बल्कि भारत और मलेशिया समेत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में रामायण की सांस्कृतिक गहराई और साझा धागों को उजागर करने का अवसर भी प्रदान किया। ‘तिताह सरी राम’ वायांग कुलित प्रस्तुति में कलाकारों ने पारंपरिक छायाचित्रकला और कठपुतली तकनीक का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। कलाकारों की निपुणता और कथानक का जीवंत प्रदर्शन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। इस प्रस्तुति ने यह स्पष्ट किया कि रामायण की कहानियां केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समय और सीमाओं की परवाह किए बिना विभिन्न देशों में संस्कृति, नैतिकता और धर्म की साझा धारा को जोड़ती हैं।


भारतीय समुदाय के सदस्यों ने इस अवसर को एकत्र होकर समारोह को भव्य बनाया। हजारों लोगों ने समारोह में हिस्सा लिया और कलाकारों के नाट्य प्रदर्शन को खूब सराहा। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने का काम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति और रामायण जैसे महाकाव्य पूरे विश्व में मानवीय मूल्यों, नैतिकता और शिक्षा का प्रतीक हैं। वायांग कुलित के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि हमारी सांस्कृतिक विरासत देशों और पीढ़ियों के बीच एक पुल का काम करती है। प्रधानमंत्री ने कलाकारों की कला और सामूहिक प्रयास की प्रशंसा की।

अकादमी अर्जुनासुक्मा के कलाकारों ने अपने प्रस्तुति में छायाचित्रकला, कठपुतली और पारंपरिक संगीत का उपयोग करते हुए रामायण की कथा को दर्शकों के सामने जीवंत किया। राम, सीता, हनुमान और रावण जैसे पात्रों को पारंपरिक अंदाज में प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों में उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव बना रहा। यह कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं था, बल्कि भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत को साझा करने का एक मंच भी साबित हुआ। इस प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि कैसे कला और संस्कृति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मित्रता और समझ को बढ़ावा देती हैं। समारोह के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कलाकारों और आयोजकों का धन्यवाद किया और कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक पहल दुनिया में भारतीय संस्कृति और रामायण की सार्वभौमिकता को उजागर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा।
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