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New Delhi. नई दिल्ली। दिल्ली में सोमवार को लाल किला के पास हुए ब्लास्ट के बाद देश की राजधानी सुरक्षा के लिहाज से उच्च सतर्कता पर है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भूटान की अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा से लौटते ही आज देर शाम प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर सुरक्षा कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समीक्षा कर दिल्ली धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी थी।
पीएम मोदी मंगलवार को भूटान में चतुर्थ नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह में शामिल हुए थे। लौटकर उन्होंने LNJP अस्पताल में जाकर ब्लास्ट में घायल लोगों से मुलाकात की। अस्पताल में घायलों से बातचीत करते हुए पीएम मोदी ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षा की जानकारी ली। इस दौरान उनकी तस्वीरें भी सामने आईं, जो उनकी संवेदनशीलता और घायलों के प्रति चिंता को दर्शाती हैं।
आज शाम 5.30 बजे प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई। इस बैठक में राजधानी दिल्ली में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई और आगे की कार्रवाई योजनाओं पर चर्चा हुई। CCS बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधित मुद्दों पर निर्णय लिए गए।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में दिल्ली पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य बिंदु राजधानी में आतंकवाद और आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम, संभावित खतरों की पहचान, सुरक्षा बलों की तैनाती और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के उपाय रहे। एजेंसियों ने धमाके की जांच की वर्तमान स्थिति और प्रारंभिक सुरागों को पीएम मोदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान से लौटते हुए दिल्ली ब्लास्ट के मामले में स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा, "दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी के मन को व्यथित कर दिया है। पूरा देश पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाएंगी। किसी भी साजिशकर्ता को बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने अंग्रेजी में भी कहा, "All those responsible will be brought to justice"। पीएम मोदी की यह प्रतिक्रिया देशभर में सुरक्षा एजेंसियों के लिए संदेश के रूप में देखी जा रही है कि सभी जिम्मेदारों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर दिल्ली धमाके की जांच NIA को सौंप दी थी। बैठक में धमाके में शामिल संदिग्धों की पहचान, संभावित आतंकी नेटवर्क और भविष्य में सुरक्षा खतरों की रोकथाम के लिए कदमों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही राजधानी में CCTV कैमरों, पुलिस पेट्रोलिंग और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि CCS जैसी उच्च स्तरीय बैठकें इस तरह की घटनाओं के बाद सुरक्षा पर नजर रखने और रणनीतियों को तुरंत लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। दिल्ली ब्लास्ट की जांच में तकनीकी, फॉरेंसिक और मानव संसाधन सहित कई एजेंसियों का सहयोग शामिल है। सभी जिम्मेदार एजेंसियां घटना की पूरी जानकारी जुटा रही हैं और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की यह संयुक्त कार्रवाई राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा संदेश देने की दिशा में देखी जा रही है।
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