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New Delhi. नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और लगातार बदलते हालात के बीच भारत सरकार ने संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक हाईलेवल रिव्यू मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें पश्चिम एशिया संकट के भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों और उनसे निपटने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों ने प्रधानमंत्री मोदी को मौजूदा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को लेकर तैयार किए गए प्लान की जानकारी दी। इसमें ऊर्जा सुरक्षा, कृषि क्षेत्र, खाद की उपलब्धता, एलपीजी सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय हालातों से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।
बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट का भारत की कृषि व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। मंत्रालयों की ओर से प्रधानमंत्री को बताया गया कि देश में आगामी खरीफ और रबी फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में फर्टिलाइजर यानी खाद का भंडार मौजूद है। इसके अलावा आने वाले महीनों में भी किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा। सरकार की ओर से यह भी भरोसा दिलाया गया कि खाद की सप्लाई को लेकर किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के बावजूद भारत ने पहले से ही आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। बैठक में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
पश्चिम एशिया भारत के लिए कच्चे तेल और ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम क्षेत्र रहा है। ऐसे में वहां किसी भी तरह के संकट का असर वैश्विक तेल बाजार और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। इसे देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और सप्लाई रूट की समीक्षा की। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री को बताया गया कि भारत ने कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तैयारी कर रखी है। सरकार वैश्विक परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाने की स्थिति में है। एलपीजी सप्लाई को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। कुछ समय पहले अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण एलपीजी उपलब्धता को लेकर आशंकाएं सामने आई थीं, लेकिन सरकार ने बताया कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर योजना बनाई गई है।
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