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पीएम मोदी का ऐलान: पोलैंड संग और मजबूत होंगे रक्षा व परमाणु संबंध
Tara Tandi
22 Oct 2026 2:06 PM IST

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और पोलैंड रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने पोलिश कंपनियों को इन क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर विकास (co-development) और उत्पादन (co-production) करने के लिए आमंत्रित किया।
गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ बातचीत के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कैसे 2024 में उनकी वारसॉ यात्रा के दौरान भारत और पोलैंड ने अपने संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' (Strategic Partnership) के स्तर तक पहुँचाया था। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में इस द्विपक्षीय साझेदारी को एक नई गति मिली है।
उन्होंने कहा, "मुझे भारत में पोलैंड के प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। 2024 में मेरी पोलैंड यात्रा के दौरान, उन्होंने और उनके प्रतिनिधिमंडल ने मेरा बहुत अच्छे से स्वागत किया था। उस यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक पहुँचाया था। इसी मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए, पिछले दो वर्षों में हमारी साझेदारी ने नई गति पकड़ी है। और आज, प्रधानमंत्री के साथ हुई हमारी बैठक में, हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अनिश्चितता और बदलाव के दौर से गुजर रही है, भारत और पोलैंड विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार (innovation) के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "आज, हम रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं। हम पोलिश कंपनियों को आमंत्रित करते हैं कि वे इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर विकास और उत्पादन के काम में जुड़ें।"
भारत और पोलैंड के बीच 'गुड महाराजा' (Good Maharaja) के जुड़ाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "भारत और पोलैंड के बीच दोस्ती केवल राजनयिक संबंधों पर ही नहीं, बल्कि मानवता और करुणा की साझा विरासत पर टिकी है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान, जामनगर और कोल्हापुर के राजघरानों ने भारत में हजारों पोलिश बच्चों और परिवारों को आश्रय दिया था। आज भी, पोलैंड के लोग जाम साहब को 'डोबरी महाराजा' (Dobry Maharadza) यानी 'गुड महाराजा' के रूप में याद करते हैं।" प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और पोलैंड की कंपनियां मिलकर काम करेंगी, ताकि दुनिया के लिए भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाई जा सके और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का साझा लक्ष्य हासिल किया जा सके।
भारत और पोलैंड की आर्थिक वृद्धि का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पिछले साल पोलैंड की जीडीपी 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई। मैं इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई देता हूं। भारत ने भी पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। हमारी बढ़ती आर्थिक ताकत ने भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए नए अवसर पैदा किए हैं, और 'भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते' (India-European Union Free Trade Agreement) ने इन अवसरों को और भी बढ़ा दिया है।"
उन्होंने आगे कहा, "एक बार जब यह समझौता लागू हो जाएगा, तो इससे भारत से पोलैंड को मशीनरी, रसायन, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात के लिए नए रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा, हम रेलवे, मोबिलिटी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में पोलैंड से नए निवेश को आकर्षित करेंगे।"
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