
बिहार। पीएम मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने प्रचार अभियान की शुरुआत समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम से करने का ऐलान किया है. यह वही गांव है जहां बिहार के जननायक कर्पूरी ठाकुर का जन्म हुआ था - जिनको जनवरी 2024 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. यह फैसला काफी राजनीतिक मायने रखता है क्योंकि मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे जो कर्पूरी ठाकुर के पैतृक गांव जाकर वहां चुनावी सभा करेंगे.
24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी यहां अपनी पहली बड़ी रैली करेंगे. इसी दिन उनका दूसरा कार्यक्रम बेगूसराय में आयोजित होगा. प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले उस “मॉडल झोपड़ी” को देखेंगे जिसे स्थानीय प्रशासन ने कर्पूरी ठाकुर के जीवन और सादगी को दर्शाने के लिए तैयार किया है. यह प्रतीकात्मक झोपड़ी दिखाती है कि किस तरह साधारण जीवन और संघर्ष से जननायक की सोच आकार ली.
गांव के लोग इस ऐतिहासिक यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं. स्थानीय चौपाल पर महिलाएं, किसान, नौजवान प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियों में लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गांव में पहले से काफी विकास हुआ है. नथुनी राम बोले, “हम सब ठीक हैं, विकास हुआ है और मैं प्रधानमंत्री को आशीर्वाद दूंगा.” फगुनी राम ने कहा, “मेरी जिंदगी में अब बहुत बदलाव आया है, लेकिन तेजस्वी यादव ने अपने वादे नहीं निभाए.”
हालांकि कुछ लोग असंतुष्ट भी हैं. सतिंदर राम ने कहा कि अभी भी सबको पक्के घर नहीं मिले, टॉयलेट और योजनाओं का सही लाभ नहीं पहुंचा. दूसरी तरफ, मंटुडा नाम के ग्रामीण का कहना है कि “गांव का चेहरा तो बदला है, लेकिन गरीबों तक असली फायदा नहीं पहुंचा.”





