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आज 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित करेंगे पीएम मोदी

Nilmani Pal
30 Jan 2022 1:52 AM GMT
आज मन की बात कार्यक्रम को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
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दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज (30 जनवरी) महात्‍मा गांधी (Mahatma Gandhi) की पुण्य तिथि पर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann Ki Baat) करेंगे. पीएम मोदी पहले गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करेंगे. इसके बाद 'मन की बात' शुरू होगी. पहली बार कार्यक्रम के समय में बदलाव किया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि इस महीने की मन की बात, जोकि 30 तारीख को होगी, गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करने के बाद सुबह 11:30 बजे शुरू होगी. इससे पहले हर बार 11 बजे कार्यक्रम शुरू हो जाता था, जिसे पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है. दूरदर्शन भी इसका सीधा प्रसारण करेगा. 'मन की बात' प्रधानमंत्री का वो मासिक रेडियो कार्यक्रम है, जो हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होता है.

पीएम मोदी ने 2014 में सत्ता में आने के बाद, इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसमें वह तमाम मुद्दों पर देश के लोगों से बात करते हैं. कार्यक्रम आमतौर पर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित किया जाता है. इसकी पहली कड़ी अक्टूबर 2014 में प्रसारित हुई थी और यह 2019 में एक संक्षिप्त अवधि को छोड़कर, जब प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव के दौरान इसे रोक दिया था, निर्बाध रूप से चल रहा है.

इससे पहले के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कोरोना महामारी और सीडीएस बिपिन रावत के निधन को लेकर बात की थी. उन्होंने कहा था, 'जनशक्ति की ही ताकत है, सबका प्रयास है कि भारत 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी से लड़ सका. हम हर मुश्किल समय में एक दूसरे के साथ, एक परिवार की तरह खड़े रहे. अपने मोहल्ले या शहर में किसी की मदद करना हो, जिससे जो बना, उससे ज्यादा करने की कोशिश की. आज विश्व में वैक्सीनेशन के जो आंकड़े हैं, उनकी तुलना भारत से करें, तो लगता है कि देश ने कितना अभूतपूर्व काम किया है, कितना बड़ा लक्ष्य हासिल किया है. वैक्सीन की 140 करोड़ डोज के पड़ाव को पार करना, प्रत्येक भारतवासी की अपनी उपलब्धि है. ये प्रत्येक भारतीय का, व्यवस्था पर, भरोसा दिखाता है, विज्ञान पर भरोसा दिखाता है, वैज्ञानिकों पर भरोसा दिखाता है, और, समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभा रहे, हम भारतीयों की, इच्छाशक्ति का प्रमाण भी है.'

उन्होंने कहा था, 'हमें ये भी ध्यान रखना है कि कोरोना का एक नया वेरिएंट, दस्तक दे चुका है. पिछले दो वर्षों का हमारा अनुभव है कि इस वैश्विक महामारी को परास्त करने के लिए एक नागरिक के तौर पर हमारा खुद का प्रयास बहुत महत्वपूर्ण है. ये जो नया Omicron variant आया है, उसका अध्ययन हमारे वैज्ञानिक लगातार कर रहे हैं. हर रोज नया डेटा उन्हें मिल रहा है, उनके सुझावों पर काम हो रहा है. ऐसे में स्वयं की सजगता, स्वयं का अनुशासन, कोरोना के इस वेरिएंट के खिलाफ देश की बहुत बड़ी शक्ति है.'


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