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PM मोदी ने कतर के अमीर से बात कर दोहा हवाई हमले पर जताई गहरी चिंता
Shantanu Roy
10 Sept 2025 9:24 PM IST

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New Delhi. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से फोन पर बातचीत कर दोहा में हाल ही में हुए इजरायली हवाई हमले पर गहरी चिंता जताई। यह हमला 9 सितंबर को दोहा के लेकतिफिया जिले में एक आवासीय परिसर पर किया गया था, जिसमें हमास के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया गया। प्रधानमंत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत हमेशा से कतर की संप्रभुता का सम्मान करता है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने के पक्ष में खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान का समर्थन करते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। बातचीत के बाद PM मोदी ने खुद ट्वीट कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने लिखा: "कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से बात की और दोहा में हुए हमलों पर गहरी चिंता जताई। भारत भाईचारे वाले कतर की संप्रभुता का उल्लंघन करने वाली इस घटना की निंदा करता है। हम संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं के समाधान का समर्थन करते हैं और क्षेत्र में शांति और स्थिरता के पक्ष में खड़े हैं।"
दोहा हमला: क्या हुआ था?
इजरायल द्वारा किए गए इस हवाई हमले में हमास के कई वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया गया। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब कतर गाजा संघर्ष में मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा था। कतर ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण’ करार देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। कतर सरकार ने कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है और इससे तनाव और बढ़ेगा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह कतर की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने की आवश्यकता बताई है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
हमले के बाद अमेरिका ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की निंदा की और कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी देर से मिली। उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा अमेरिका की मंजूरी का दावा करना गलत है। व्हाइट हाउस ने इस हमले से खुद को अलग करते हुए इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया और क्षेत्र में तनाव बढ़ने को लेकर चिंता जताई।
भारत की भूमिका और कूटनीतिक संदेश
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी संप्रभु राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस हमले को लेकर न केवल कतर के साथ एकजुटता व्यक्त की, बल्कि वैश्विक मंच पर शांति और कूटनीति को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया। भारत ने कहा है कि संवाद, आपसी समझ और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन ही स्थायी समाधान का रास्ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह प्रतिक्रिया पश्चिम एशिया में उसकी कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग का समर्थन करता रहा है और यह घटना उसकी विदेश नीति में संतुलन बनाए रखने का उदाहरण है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
विश्लेषकों का कहना है कि दोहा में हुआ यह हमला पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकता है। कतर, जो गाजा संघर्ष में मध्यस्थता कर रहा है, उसकी भूमिका पर सवाल उठ सकते हैं। वहीं, इजरायल की कार्रवाई से अमेरिका सहित कई देशों की छवि प्रभावित हुई है। ऐसे समय में भारत द्वारा संयम और संवाद का संदेश देना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सकारात्मक पहल मानी जा रही है।
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