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उज्बेकिस्तान दौरा पूरा कर किर्गिस्तान रवाना हुए पीएम मोदी

SHIDDHANT
30 Aug 2026 8:14 PM IST
उज्बेकिस्तान दौरा पूरा कर किर्गिस्तान रवाना हुए पीएम मोदी
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SCO समिट पर दुनिया की नजर
Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद का अपना दौरा पूरा कर अब किर्गिस्तान के लिए प्रस्थान किया है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब मध्य एशिया के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उज्बेकिस्तान से किर्गिस्तान की ओर प्रधानमंत्री की यात्रा को भारत की मध्य एशिया नीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मध्य एशियाई देश भारत के लिए व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण साझेदार हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की मौजूदगी इस क्षेत्र के साथ भारत के संबंधों को नई गति देने का अवसर प्रदान करेगी।
SCO समिट में शामिल होंगे मोदी
किर्गिस्तान में प्रधानमंत्री मोदी SCO के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस मंच पर सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, आर्थिक संपर्क, व्यापार, कनेक्टिविटी और बदलती वैश्विक परिस्थितियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत SCO को मध्य एशिया और यूरेशिया के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखता है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी कर सकते हैं। इन बैठकों में आपसी व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत की संभावना रहेगी।
मध्य एशिया पर भारत का बढ़ता फोकस
भारत पिछले कुछ वर्षों में मध्य एशिया के देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है। उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के अलावा कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के साथ भी भारत के कूटनीतिक और आर्थिक रिश्ते महत्वपूर्ण हैं। मध्य एशिया भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यह क्षेत्र यूरोप और एशिया के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र है। भारत इस क्षेत्र के जरिए व्यापारिक मार्गों, ऊर्जा संसाधनों और रणनीतिक कनेक्टिविटी को विस्तार देने की संभावनाओं पर लगातार काम कर रहा है।
सुरक्षा और आतंकवाद पर भी जोर
SCO का एक प्रमुख फोकस क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला है। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। SCO के मंच से भी भारत आतंकवाद, कट्टरपंथ और सीमा पार से होने वाली चुनौतियों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने पर जोर दे सकता है। इसके साथ ही अफगानिस्तान की स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे भी मध्य एशियाई देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे विषयों पर सदस्य देशों के बीच सहयोग और संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है।
भारत की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा
प्रधानमंत्री मोदी का उज्बेकिस्तान के बाद किर्गिस्तान दौरा भारत की सक्रिय विदेश नीति का हिस्सा माना जा रहा है। भारत एक ओर पश्चिमी देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंध मजबूत कर रहा है, वहीं रूस, मध्य एशिया और अन्य साझेदारों के साथ भी संवाद को लगातार आगे बढ़ा रहा है। किर्गिस्तान में SCO सम्मेलन भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखने का अवसर देगा। साथ ही मध्य एशिया के देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने में यह यात्रा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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