
दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट को लेकर आज बुधवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानी सीसीएस की अहम बैठक बुलाई गई है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी सीसीएस की मीटिंग बुलाई गई थी. इसमें तब पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाने का फैसला हुआ था. अब दिल्ली ब्लास्ट के बाद सीसीएस की बैठक होनी हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या इसमें ऑपरेशन सिंदूर-पार्ट-2 को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है? पीएम मोदी की बैठक पर अब सबकी नजरें टिकी हैं.
दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं के ठिकानों को भारतीय सेना ने मिट्टी में मिला दिया था. भारत ने दहशतगर्दों को घर में घुसकर मारा था. अब पहलगाम आतंकी हमले के बाद दिल्ली में एक बड़ा कार ब्लास्ट हुआ है. हमले की मॉडसऑपरेडी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से मैच होती है, क्योंकि फिदायीन हमला और कार ब्लास्ट जैश-ए-मोहम्मद के हमले का तरीका है.
आशंका यही है कि दिल्ली में हुआ धमाका फिदायीन हमला है, जिसमें कार बम का इस्तेमाल हुआ. पहलगाम हमले के बाद हिंदुस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर से बदला लिया था. तब प्रधानमंत्री मोदी ने यही कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है. एक बार फिर दिल्ली को दहलाने वालों के तार पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं और दिल्ली से दूर भूटान की धरती से प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान कर दिया है कि आतंक के खिलाफ कुछ बड़ा करने वाले हैं.
बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सीसीएस की मीटिंग बुलाई है. सीसीएस की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं. इस मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बड़े मामलों पर चर्चा होती है और बडे़ निर्णय लिए जाते हैं. सीसीएस में प्रधानमंत्री के साथ-साथ रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री शामिल होते हैं. पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री सीसीएस की बैठक की थी. बैठक में ऑपरेशन सिंदूर का खाका खींचा गया था. बड़ी बात ये है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मोदी सरकार ने तय किया था कि किसी भी आतंकी हमले को एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा. यानी आतंकी हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े तो ऑपरेशन सिंदूर जैसा एक्शन फिर होगा.





