
दिल्ली। केंद्र सरकार ने नीति आयोग में दो नए सदस्य नियुक्त किए हैं. इनके नाम हैं डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम और डॉ. जोरम अनिया. इन दोनों की नियुक्ति के साथ नीति आयोग में पूर्णकालिक सदस्यों की कुल संख्या सात हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन दोनों को बधाई दी और कहा कि इनके अनुभव नीति बनाने में बहुत मददगार होगा. इनमें से एक नियुक्ति ऐतिहासिक भी है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश की एक महिला पहली बार इस स्तर पर पहुंची हैं.
24 अप्रैल 2026 को सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया था. उस दिन अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष बनाया गया. साथ ही पांच पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किए गए जिनके नाम हैं अर्थशास्त्री के.वी. राजू, एम्स अस्पताल के निदेशक एम. श्रीनिवास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय करंदीकर, वैज्ञानिक गोबर्धन दास और पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा. इस हफ्ते कैबिनेट सचिवालय ने एक अधिसूचना जारी करके दो और नामों की घोषणा की. ये हैं डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम और डॉ. जोरम अनिया. इनकी नियुक्ति उस दिन से मानी जाएगी जिस दिन ये अपना कार्यभार संभालेंगे. इनकी नियुक्ति तब तक रहेगी जब तक आगे कोई नया आदेश न आए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके दोनों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इन दोनों का गहरा अनुभव और समझ नीति निर्माण को और मजबूत बनाएगी. उन्हें भरोसा है कि इनके योगदान से हर क्षेत्र में नई सोच और विकास को बढ़ावा मिलेगा.





