भारत

PM मोदी ने भुवनेश्वर बाईपास सड़क परियोजना को मंजूरी मिलने पर ओडिशावासियों को दी बधाई

Shantanu Roy
19 Aug 2025 10:28 PM IST
PM मोदी ने भुवनेश्वर बाईपास सड़क परियोजना को मंजूरी मिलने पर ओडिशावासियों को दी बधाई
x
बड़ी खबर
New Delhi. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ओडिशा में 6-लेन की एक्सेस-कंट्रोल्ड कैपिटल रीजन रिंग रोड (भुवनेश्वर बाईपास - 110.875 किमी) के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना को 8,307.74 करोड़ रुपए की लागत से हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) का उपयोग करके विकसित किया जाएगा। पीएम मोदी ने कैबिनेट के इस फैसले पर खुशी जताते हुए, इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ओडिशा के लोगों विशेषकर भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आज कैबिनेट द्वारा एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर बधाई।

इससे भीड़भाड़ कम होगी और लोगों के जीवन में सुगमता बढ़ेगी।" वहीं एक अन्य फैसले में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजस्थान के कोटा-बूंदी में एक नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1507 करोड़ रुपए है। पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले को अभूतपूर्व बताते हुए पर्यटन को बढ़ावा मिलने का भरोसा जताया है। उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, "राजस्थान के मेरे परिवारजनों को नए एयरपोर्ट की बहुत-बहुत बधाई। हमारी सरकार ने कोटा-बूंदी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने को मंजूरी दी है। इससे देशभर से यहां आने-जाने वालों का हवाई सफर और सुगम होगा, साथ ही पर्यटन एवं रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।"

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह हवाई अड्डा कोटा-बूंदी क्षेत्र में हवाई संपर्क को बेहतर करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। राजस्थान सरकार ने ए-321 श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के उद्देश्य से एएआई को 440.06 हेक्टेयर भूमि ट्रांसफर की है। सरकार के मुताबिक, शैक्षिक और औद्योगिक क्षेत्रों की प्रमुखता के कारण कोटा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अनुमानित यातायात वृद्धि का समाधान करना है।
Next Story