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Bihar बिहर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार के ऐतिहासिक तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब पहुंचकर मत्था टेका और सिख गुरु परंपरा को नमन किया। प्रधानमंत्री के इस दर्शन कार्यक्रम के दौरान पूरा गुरुद्वारा परिसर "बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" के जयकारों से गूंज उठा। यह स्थल दसवें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का जन्मस्थान है और सिख आस्था के पांच तख्तों में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां पहुंचकर गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना की और देशभर में शांति, एकता और समृद्धि की कामना की। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री का पारंपरिक अंदाज में सरोपा और कृपाण भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया और गुरु परंपरा के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
पीएम मोदी ने कहा, “पटना साहिब केवल बिहार या सिख समुदाय का धरोहर नहीं, बल्कि पूरे भारत की आत्मा का प्रतीक है। गुरु गोविंद सिंह जी ने देश को एकता, साहस और सेवा की जो सीख दी, वह आज भी हमें मार्गदर्शन देती है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत के विकास में गुरु परंपरा की प्रेरणा और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी तक सभी गुरुओं ने मानवता और भाईचारे का संदेश दिया। आज भारत उसी भावना को आगे बढ़ा रहा है — ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास।’” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की विविधता में एकता का सूत्र सिख गुरु परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है।
दर्शन के बाद प्रधानमंत्री ने गुरुद्वारे के संग्रहालय का अवलोकन किया, जहां गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन से जुड़े दुर्लभ अवशेष और ऐतिहासिक चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने यहां लंगर सेवा में भी भाग लिया और सेवादारों की सराहना की, जो निःस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के साथ कई वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा परिसर में दर्शन के लिए पहुंचे।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को बिहार में राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से अहम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम उनके पटना में आयोजित बड़े जनसभा संबोधन से पहले हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि “गुरु की भूमि पर आकर मुझे नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है। यह स्थान सेवा, साहस और समर्पण की शक्ति का प्रतीक है। पीएम मोदी की यह यात्रा न केवल एक धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बनी, बल्कि देशभर में आध्यात्मिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संदेश को भी मजबूत करती दिखी। गौरतलब है कि तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब का निर्माण महाराजा रणजीत सिंह ने 1839 में करवाया था। यह स्थल सिख धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इस पवित्र परंपरा के प्रति राष्ट्र के सम्मान और एकता के संदेश को और प्रबल करता है।
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