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नई दिल्ली: प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने गुरुवार को पत्रकारिता आचरण के लिए 'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' (PCI) के नियमों को दोहराया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के इस्तीफे की मांग वाले विरोध प्रदर्शनों के संबंध में गलत सूचनाएं फैलने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में PIB ने जिम्मेदार पत्रकारिता करने का आग्रह किया है।
'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, PIB ने कहा: "जिम्मेदार पत्रकारिता की शुरुआत तथ्यों को अटकलों, कयासों और निजी विचारों से अलग करने से होती है।"
PIB ने आगे कहा, "जैसा कि 'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' के 'पत्रकारिता आचरण के नियम 2022' में बताया गया है, पत्रकारों को सटीकता बनाए रखनी चाहिए, संपादकीय जिम्मेदारी निभानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्यंग्य या टिप्पणी मानहानि की सीमा को पार न कर जाए।"
PIB ने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारिता आचरण के नियमों में तथ्यों को अटकलों, कयासों और निजी विचारों से अलग करने को बहुत महत्व दिया गया है, ताकि जिम्मेदार रिपोर्टिंग हो सके और जनता का भरोसा बना रहे।
इसने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे अटकलों, कयासों या निजी विचारों को तथ्य के रूप में पेश न करें, बल्कि इनके बीच स्पष्ट अंतर रखें।
'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' के नियमों का जिक्र करते हुए PIB ने कहा, "हल्के-फुल्के हास्य के उद्देश्य से बनाए गए कार्टून और व्यंग्यचित्र एक अलग श्रेणी में आते हैं, और उनके मामले में थोड़ी अधिक छूट दी जा सकती है।"
PIB ने चेतावनी दी कि हालांकि व्यंग्य लेखन का एक स्वीकृत रूप है, लेकिन इसका इस्तेमाल मानहानि करने वाली बातों को छिपाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
PIB ने आगे कहा, "राजनीतिक टिप्पणी के संदर्भ में 'अक्षम' (incompetent) या 'नकारा' (impotent) जैसे शब्दों का इस्तेमाल किस तरह किया गया है, इसे देखकर ही यह तय किया जाना चाहिए कि वे आपत्तिजनक हैं या नहीं।"
इस बीच, 'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' ने लगातार प्रेस को सलाह दी है कि वे अपनी रिपोर्टिंग में संयम और सावधानी बरतें।
'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' ने अपनी वेबसाइट पर एक नोट में कहा, "एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश होनी चाहिए, जिसमें प्रेस खुद को नियंत्रित (self-regulation) करते हुए अपनी स्वतंत्रता और अपनी जिम्मेदारी के बीच एक बेहतर संतुलन बनाए रखे। यही वह मूल उद्देश्य है जिसे 'प्रेस काउंसिल' बढ़ावा देना और स्थापित करना चाहती है।"
'प्रेस काउंसिल एक्ट, 1978' की धारा 13 (b) के तहत, काउंसिल को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह समाचार पत्रों, समाचार एजेंसियों और पत्रकारों के लिए आचरण के नियम (code of conduct) तैयार करे, ताकि रिपोर्टिंग के उच्च मानक हासिल किए जा सकें। इसी क्रम में, अपने द्वारा दिए गए फैसलों और अन्य बयानों के आधार पर, काउंसिल ने पिछले कुछ वर्षों में कुछ ऐसे सिद्धांत विकसित किए हैं। PCI के अनुसार, पत्रकारों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन करते समय, उचित समझ और परिस्थितियों के अनुसार बदलाव करते हुए, इन सिद्धांतों को अपनाएं और अपने आचरण को नियंत्रित करें।
इससे पहले, दिल्ली पुलिस की 'इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस' यूनिट ने सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ चार से अधिक FIR दर्ज कीं। इन पर आरोप है कि ये गलत बातें फैला रहे थे और देश के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे थे।
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