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प्रयागराज में फोटोग्राफर की हत्या, शव बैग में भरकर 62 किमी दूर रीवा में फेंका

Shantanu Roy
3 Sept 2026 10:54 PM IST
प्रयागराज में फोटोग्राफर की हत्या, शव बैग में भरकर 62 किमी दूर रीवा में फेंका
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Prayagraj. प्रयागराज। प्रयागराज में 27 साल के फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले आलोक पर फायर किया और इसके बाद उसकी जान ले ली। शव को बैग में रखकर कार से मध्यप्रदेश के रीवा की सोहागी पहाड़ी ले जाया गया। CCTV फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
10 अगस्त की रात फ्लैट से निकला था बड़ा बैग
प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में सामने आया यह मामला करीब तीन सप्ताह पुराना है। प्रतापगढ़ के कुंडा निवासी 27 वर्षीय आलोक गुप्ता पिछले कुछ समय से प्रयागराज के अंबर अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रह रहा था। वह पेशे से फोटोग्राफर था और शादी समेत दूसरे समारोहों में फोटोशूट करता था। इसके अलावा वह सोशल मीडिया के लिए रील भी बनाता था। 10 अगस्त की रात आलोक अचानक लापता हो गया। अगले दिन सुबह परिवार ने उसके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। परिजन उसके फ्लैट पर पहुंचे तो वहां ताला लगा था। काफी तलाश के बाद भी जब आलोक का पता नहीं चला तो 22 अगस्त को धूमनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
CCTV ने खोला राज
पुलिस ने आलोक की तलाश के दौरान अंबर अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज में 10 अगस्त की रात तीन युवक आलोक के फ्लैट से एक बड़ा बैग लेकर बाहर निकलते दिखाई दिए। इसके बाद तीनों एक सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार में बैठकर वहां से रवाना हुए। यह फुटेज पुलिस के लिए जांच में अहम सुराग बना। इसके साथ ही पुलिस ने आलोक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को एक युवती का नंबर मिला। उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया। युवती ने पुलिस को बताया कि CCTV में दिखाई दे रहे एक युवक को वह जानती है। उसकी पहचान नवाबगंज निवासी शुभम तिवारी के रूप में हुई।
CCTV दिखाते ही आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस ने बुधवार को शुभम तिवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने आलोक के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया। लेकिन जब पुलिस ने उसे अपार्टमेंट की CCTV फुटेज दिखाई तो वह पुलिस के सवालों के सामने टूट गया। पुलिस के मुताबिक, शुभम ने बताया कि वह अपने दो दोस्तों शुभम यादव और अंकुश यादव के साथ 10 अगस्त की रात करीब 10 बजे आलोक के फ्लैट पर पहुंचा था। वहां विवाद के दौरान आलोक पर गोली चलाई गई, जो उसके कंधे पर लगी। इसके बाद तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने शव को एक बड़े बैग में रखा और सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार से प्रयागराज से मध्यप्रदेश के रीवा जिले की सोहागी पहाड़ी पहुंच गए। पुलिस के अनुसार, वहीं बैग छोड़कर तीनों वापस लौट आए।
50 हजार रुपये की उधारी को बताया वजह
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी शुभम तिवारी ने कथित तौर पर बताया कि उसने आलोक से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। वह पैसे वापस मांग रहा था और दोनों के बीच इसे लेकर विवाद चल रहा था। शुभम के बयान के बाद प्रयागराज पुलिस ने रीवा पुलिस से संपर्क किया। वहां पुलिस को जानकारी मिली कि 14 अगस्त को सोहागी पहाड़ी पर एक बैग में युवक का शव मिला था। शव की तत्काल पहचान नहीं हो सकी थी। पोस्टमॉर्टम के बाद उसे अज्ञात मानकर दफना दिया गया था।
कपड़ों से परिवार ने की पहचान
रीवा पुलिस से जानकारी मिलने के बाद आलोक के परिवार को शव की पहचान के लिए बुलाया गया। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान आलोक गुप्ता के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने शुभम तिवारी के दोनों साथियों शुभम यादव और अंकुश यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब हत्या की पूरी कड़ी और घटना में शामिल अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस आलोक की गर्लफ्रेंड और मुख्य आरोपी शुभम तिवारी के बीच संपर्क को लेकर भी जानकारी जुटा रही है। दोनों के बीच हुई बातचीत और मोबाइल संपर्कों की जांच की जा रही है। DCP सिटी सागर जैन के मुताबिक, रीवा की सोहागी पहाड़ी पर मिले शव की पहचान हो चुकी है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और जल्द ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा करने की बात कही है।
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