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अयोध्या छोड़ नहीं सकते चंदा चोरी में फंसे लोग, नोटिस जारी

Nil dhankar
11 July 2026 7:17 AM IST
अयोध्या छोड़ नहीं सकते चंदा चोरी में फंसे लोग, नोटिस जारी
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यूपी। अयोध्या के श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में विवेचना के दौरान हो रहे खुलासों के बीच आठों आरोपियों के संपर्क में रहे करीब 20 लोगों के जिला छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। पचास से अधिक को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी ने प्रकरण से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की। इस दौरान उनके बयान दर्ज कर आरोपियों से उनके संबंधों की जानकारी जुटाई गई। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सीईओ की नियुक्ति की तैयारी में है। तय हुआ है कि ट्रस्ट अपने पैसे पर सीईओ की नियुक्ति करेगा। सीईओ को ट्रस्ट से सैलरी मिलेगी। छह जुलाई की बैठक में ट्रस्ट ने सीईओ चयन के लिए तीन सदस्यों रिटायर्ड मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े की कमेटी बना दी है। यह सभी अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। कमेटी ट्रस्ट को तीन नाम सौंपेगी। अगली बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम पर चर्चा हो सकती है।

उधर, आरोपियों के करीबियों से मिली जानकारियों का मिलान पुलिस आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों, कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों से कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की अलग-अलग टीमें सूची में शामिल लोगों को फोन या दूसरे माध्यमों से सूचना देकर पूछताछ को बुला रही हैं। उनसे आरोपियों से संबंध, लेन-देन, मुलाकातों और बाद की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी मांगी जा रही है। अधिकांश को जांच तक पुलिस के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की रकम को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। अब तक की जांच में सामने आया कि गणना से पहले कितनी रकम चोरी हुई, उसका हिसाब लगाना मुश्किल है। अब तक हुई नगद बरामदगी, संपत्ति के रिकार्ड, जेवर, आभूषण से ही आकलन किया जा सकता है कि कितनी रकम चोरी हुई होगी। क्योंकि गणना के बाद बैंक पहुंची रकम के हर पैसों का हिसाब है। चोरी गणना के दौरान या पहले ही की गई। इस नाते बरामद रकम के अलावा केवल अनुमान ही लगाया जा सकता है।

एसआईटी और पुलिस की अब तक की जांच में साफ हुआ कि चढ़ावा की चोरी गणना के दौरान या कैश हैंडलिंग के दौरान हुई। जितनी रकम बैंक पहुंच गई, उसका पूरा हिसाब है। इस नाते यह अनुमान ही लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने कितने की चोरी की होगी। सीसीटीवी फुटेज में भी गणना कर्मचारी नोट और गड्डी छिपाते दिखे। यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी रकम चोरी की। यह भी सटीक तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि यह चोरी कब से चल रही थी। अब तक कितनी रकम चोरी गई होगी। बरामद नगदी को ही चोरी की रकम माना जा सकता है। इसके अलावा आरोपियों के पास से मिले वाहन, इलेक्ट्रानिक्स गैजेट्स, संपत्ति के कागज तथा आभूषण से यह माना जा सकता है कि चढ़ावे की रकम से यह सब जुटाई गई। जांच से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि जितनी रकम और संपत्ति मिल जाती है, उसे ही चोरी की रकम माना जा सकता है। इस अधिकारी के मुताबिक हम मुकम्मल तौर पर यह नहीं कह सकते कि कितने की चोरी की गई है। फिलहाल, जांच चल रही है। एसआईटी अपनी जांच कर रही है और पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

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