IPS अंशिका वर्मा पर भड़के लोग, सिपाही के खिलाफ कार्रवाई को बता रहे गलत

बरेली। पुलिस अनुशासन को लेकर एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। थाना आंवला में वार्षिक निरीक्षण के दौरान गेट पर तैनात एक रिक्रूट सिपाही द्वारा आईपीएस (एसपी दक्षिणी) अंशिका वर्मा को सैल्यूट करते समय ‘जय हिंद’ नहीं बोलने पर उसे 15 दिन के लिए रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया गया। हालांकि पुलिस विभाग का कहना है कि यह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि अतिरिक्त प्रशिक्षण का हिस्सा है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस विभाग में हर साल विभिन्न थानों का वार्षिक निरीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में दक्षिणी एसपी अंशिका वर्मा इन दिनों अपने क्षेत्र के थानों का निरीक्षण कर रही हैं। वे थाना आंवला पहुंचीं, जहां सीओ आंवला नितिन कुमार, कोतवाल बीनू चौधरी और अन्य पुलिसकर्मी निरीक्षण की तैयारियों में जुटे थे। थाना गेट पर हाल ही में भर्ती हुआ रिक्रूट आरक्षी परमवीर सिंह ड्यूटी पर तैनात था। पुलिस विभाग में अधिकारियों को सैल्यूट करते समय ‘जय हिंद’ बोलना सामान्य और अनिवार्य शिष्टाचार माना जाता है। आरोप है कि परमवीर सिंह ने एसपी को न तो ठीक से सैल्यूट किया और न ही ‘जय हिंद’ कहा। इस पर एसपी अंशिका वर्मा ने नाराजगी जताई और माना कि रिक्रूट सिपाही के प्रशिक्षण में अभी कमी है। उन्होंने थाना प्रभारी से भी कहा कि जवानों को अधिकारियों के अभिवादन और अनुशासन की सही जानकारी दी जानी चाहिए। इसके बाद एसपी ने सिपाही परमवीर सिंह को 15 दिन के लिए रिजर्व पुलिस लाइन भेजने का आदेश दिया, ताकि उसे ड्रिल और अनुशासन से जुड़ा अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कदम सिपाही के व्यवहार और प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मामला तब और चर्चा में आ गया जब निरीक्षण के दौरान की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। तस्वीर में एसपी अंशिका वर्मा खुद यूनिफॉर्म में नहीं बल्कि सादा कपड़ों में दिखाई दे रही हैं। कुछ पुलिसकर्मियों का कहना है कि परमवीर हाल ही में प्रशिक्षण लेकर आया था और सादा कपड़ों की वजह से वह एसपी को पहचान नहीं पाया। इसी कारण वह औपचारिक अभिवादन नहीं कर सका। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभागीय अनुशासन पुलिस सेवा का अहम हिस्सा है और सभी जवानों को इसका पालन करना जरूरी होता है।





