भारत

पेगासस जासूसी कांड: 11 सवालों के जरिए जनता से राय मांगेगा जांच करने वाला आयोग, 31 मार्च है आखिरी तारीख

jantaserishta.com
25 March 2022 10:52 AM IST
पेगासस जासूसी कांड: 11 सवालों के जरिए जनता से राय मांगेगा जांच करने वाला आयोग, 31 मार्च है आखिरी तारीख
x

नई दिल्ली: जासूसी के लिए इजरायली स्पाइवेयर पेगासस (Pegasus Panel) के कथित इस्तेमाल की जांच कर रहे सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) द्वारा नियुक्त पैनल ने 31 मार्च तक जनता से 11 सवालों पर टिप्पणी मांगी है. सवालों में यह शामिल है कि क्या राज्य निगरानी की सीमाएं अच्छी तरह से परिभाषित और समझी गई हैं और अगर किसी को लक्षित निगरानी के अधीन किया जाता है तो शिकायत निवारण तंत्र क्या होना चाहिए. अक्टूबर में, अदालत ने जासूसी के आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन (Organizing committee) किया. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरवी रवींद्रन समिति के प्रमुख हैं.

आर रवींद्रन पैनल में गांधीनगर के राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नवीन कुमार चौधरी, केरल की अमृता विश्व में इंजीनियरिंग पढ़ाने वाले प्रभारण पी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे में कंप्यूटर विज्ञान व इंजीनियरिंग के एक सहयोगी प्रोफेसर अश्विन अनिल गुमस्ते शामिल हैं. जांच का आदेश उन याचिकाओं के जवाब में दिया गया था, जिसमें निजता के अधिकार के उल्लंघन को उजागर किया गया था और यह भी कहा गया है कि यह अत्याधुनिक जासूसी सिस्टम इस्राइल की कंपनी ने सिर्फ सरकारों और उनकी एजेंसियों को ही बेचे थे.
पेगासस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर 2021 को एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन को इसका अध्यक्ष बनाया गया था. कमेटी गठित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हर किसी की प्राइवेसी की रक्षा होनी चाहिए.इससे पहले देश की सर्वोच्च अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में इस मामले पर सुनवाई की थी. उस समय कोर्ट ने भारत में कुछ लोगों की निगरानी के लिए इजराइली स्पाइवेयर का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों की जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों का तीन सदस्यीय एक पैनल गठित करने का आदेश दिया था.
अब प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने 12 जनहित याचिकाओं को 23 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था. इनमें 'एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया', पत्रकारों-एन राम और शशि कुमार की याचिकाएं भी शामिल हैं. इस दौरान उस रिपोर्ट की समीक्षा भी की जा सकती है, जिसे शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त पैनल को दाखिल करने को कहा गया था.
पेगासस फोन पर नवीनतम डिजिटल निगरानी सॉफ्टवेयर है. इसे इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा बनाया गया था. पेगासस स्पाइवेयर है. कंपनी ने स्पाइवेयर का उत्पादन किया, जो फोन सहित अन्य उपकरणों में घुसपैठ कर सकता है. फोन में इंस्टाल होने के बाद फोन पेगासस कंट्रोल में चला जाता है. फोन के हर सामान पर नजर रखता है. डेटा का विश्लेषण करता है और आवश्यक जानकारी लेता है. इससे वॉयस कॉल, व्हाट्सएप, एसएमएस, ई-मेल, कॉल लिस्ट, कॉन्टैक्ट सभी ट्रांसफर हो जाते हैं. पैसे वाला हर कोई इसे वहन नहीं कर सकता. यह स्पाइवेयर केवल सरकारों, सरकारी खुफिया एजेंसियों और सेना को बेचा जाता है.
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story