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संसद के शीतकालीन सत्र पर भी पड़ सकता है असर
दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू किए जाने के बीच कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदूषण को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो दिल्ली में संसद का शीतकालीन सत्र आयोजित करना भी मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा अदालतों के कामकाज पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
पवन खेड़ा ने राजधानी की बिगड़ती आबोहवा को लेकर केंद्र और दिल्ली की पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। राजधानी की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है, लेकिन जिम्मेदार लोगों में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के दस वर्षों के शासनकाल में दिल्ली की स्थिति खराब हुई। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान जो कुछ हुआ है, वह भी जनता के सामने है। खेड़ा ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
इसी बीच शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए GRAP-III लागू किया गया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर अतिरिक्त पाबंदियां लगाई गई हैं। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर आयोजित 'दिवाली मंगल मिलन' कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पवन खेड़ा ने कहा कि त्योहार परिवारों को एकजुट करने का अवसर होते हैं। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में कांग्रेस परिवार के सदस्य भी एक साथ आए और त्योहार की खुशियां साझा कीं।
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