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चलती ट्रेन में यात्री को बनाया बंधक, मांगे 10 हजार रुपये

Subhi
26 Sept 2026 7:32 AM IST
चलती ट्रेन में यात्री को बनाया बंधक, मांगे 10 हजार रुपये
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यात्री को बनाया बंधक

बिहार के वैशाली निवासी 21 वर्षीय नितिन कुमार हैदराबाद में मजदूरी करता था. वह बेंगलुरु से बिहार अपने घर लौट रहा था. 19 सितंबर 2026 को वह ट्रेन संख्या 07091 दानापुर स्पेशल ट्रेन में सवार था.नितिन के परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ट्रेन में ही उसके साथ ऐसी वारदात हो जाएगी. पुलिस के मुताबिक ट्रेन में आरोपी ने नितिन को अपना निशाना बनाया और उसे बंधक बना लिया. आरोप है कि परिवार से पैसे की मांग की गई. पुलिस के मुताबिक 10 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई थी. इसके बाद नितिन के हाथ-पैर बांधकर उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया. इससे उसकी मौत हो गई.

नितिन के परिजन मुकेश राय की ओर से रेल पुलिस को फर्द बयान दिया गया. इसमें बताया गया कि नितिन कुमार का अज्ञात अपराधियों ने पैसे के लालच में अपहरण कर लिया है. इस मामले में बक्सर रेल थाना कांड संख्या 2006 पब्लिक 26, दिनांक 21 सितंबर 2026 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया. रेल डीएसपी के नेतृत्व में टीम ने जांच आगे बढ़ाई. जांच के दौरान पुलिस को आरोपी रोहित के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद उसे बनारस से गिरफ्तार किया गया.

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में रोहित ने नितिन को चलती ट्रेन से हाथ-पैर बांधकर फेंकने की बात कबूल की. पुलिस का कहना है कि इसी वजह से नितिन की मौत हुई. रेल पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले भी इसी तरह की वारदात कर चुका है. पुलिस ने उसे आदतन अपराधी बताया है.

पुलिस के मुताबिक साल 2024 में भी रोहित ने बक्सर के रहने वाले दो युवकों को ट्रेन से बाहर धकेल दिया था. उस घटना में दोनों युवकों की जान बच गई थी. इस मामले में रोहित को सजा हुई थी और वह सजा काटकर जेल से बाहर आया था. पुलिस का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद उसने एक बार फिर इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया. यानी पुलिस की जांच में आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है.

गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल डीएसपी कंचन कुमारी ने आरोपी के अपराध करने के तरीके के बारे में भी जानकारी दी. रेल डीएसपी के मुताबिक आरोपी कभी पुलिस का नाम इस्तेमाल करता था, कभी खुद को पुलिस का सिपाही बताता था, कभी GRP का सिपाही बनता था और कभी STF का नाम लेकर लोगों को अपना निशाना बनाता था. पुलिस के अनुसार वह इसी तरीके से अपने टारगेट चुनता था.

रेल डीएसपी के मुताबिक नितिन को भी आरोपी ने पहले परेशान करना शुरू किया. पुलिस का कहना है कि सिगरेट पीने को लेकर उसने नितिन को टॉर्चर किया. इसके बाद परिवार से पैसे मंगवाने की कोशिश की गई. पुलिस के मुताबिक 10 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई थी. बाद में नितिन को हाथ-पैर बांधकर चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज थे और वह सजा काटकर बाहर आया था.

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