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कांग्रेस पार्टी में संसदीय बोर्ड का किया जाएगा गठन

Nilmani Pal
15 May 2022 1:46 AM GMT
कांग्रेस पार्टी में संसदीय बोर्ड का किया जाएगा गठन
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कांग्रेस (Congress) ने राजस्थान के उदयपुर में चल रहे चिंतन शिविर (Udaipur Chintan Shivir) में पार्टी के असंतुष्ट नेताओं की अहम मांग को मानते हुए बड़ा फैसला लिया है.उदयपुर चिंतन शिविर में कांग्रेस का पूरा ध्यान संगठन में बदलाव और अगले लोकसभा चुनाव की कार्य योजना बनाने पर था. आज चिंतन शिविर का आखिरी दिन है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस जी23 (G-23) के नेता पार्टी के संसदीय बोर्ड को गठित करने की अपनी मांग को सफलतापूर्वक पूरा करने में सफल रहे. जी23 नेताओं ने मांग की थी कि बोर्ड का गठन किया जाए. इसके तहत फैसला लिया गया है कि कांग्रेस पार्टी संसदीय बोर्ड का गठन किया जाएगा.

पार्टी के चिंतन शिविर में एक प्रमुख कांग्रेस पैनल ने निजी क्षेत्र में आरक्षण का समर्थन किया है और जाति जनगणना की मांगों के लिए समर्थन व्यक्त किया है. सामाजिक न्याय पर पार्टी पैनल ने कहा कि वह कांग्रेस कार्यसमिति सहित कमजोर वर्गों के लिए संगठन के अंदर सभी स्तरों पर 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की सिफारिश करेगा. कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और के राजू ने मीडिया को बताया कि एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता के संदेश की पुष्टि के लिए संगठनात्मक सुधारों की आवश्यकता है. इस बीच पार्टी सूत्रों ने यह भी जानकारी दी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अगले साल कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा करेंगे, इसमें से अधिकतर पदयात्रा होगी.

संसदीय बोर्ड के गठन को लेकर अंतिम निर्णय से पहले पैनल की सिफारिशों पर कांग्रेस कार्य समिति द्वारा विचार किया जाएगा. इस फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की मंजूरी की जरूरत होगी, जो पार्टी की शीर्ष निर्णय़कारी संस्था है. इसके लिए चुनाव होगा या इसके सदस्य कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा नामित होंगे, यह मुद्दा समिति पर छोड़ दिया गया है. यह कांग्रेस के असंतुष्ट धड़े के नेताओं की अहम मांग थी औऱ संसदीय बोर्ड चुनाव समिति की जगह लेगा. यह लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों का चयन करेगा. सूत्रों का कहना है कि गांधी परिवार के करीबी इस बात को लेकर अडिग थे कि कांग्रेस संसदीय बोर्ड से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी न मिलने पाए और इसको लेकर पार्टी के भीतर तकरार थी.

G23 के महत्वपूर्ण सूत्र ने ये भी कहा कि चिंतन शिविर के दौरान चर्चाएं भी बहुत खुले मन से कराई गई है और तमाम मसलों पर बहस के दौरान एक दूसरे से काफी विरोध भी जताया गया. मगर सब लोकतांत्रिक तरीके से हुआ जो एक हेल्दी परंपरा को स्थापित करता है. उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि G23 द्वारा उठाए गए सभी मसलों का उचित निवारण किया जा रहा है. तीन दिवसीय चिंतन शिविर में छह अलग अलग समूहों में नेता विभिन्न विषयों पर चर्चा कर रहे हैं.


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