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पारदी दंपती हत्याकांड: पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे समेत 14 बरी, 18 साल बाद आया फैसला
Shantanu Roy
13 March 2026 3:11 PM IST

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Betul. बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई तहसील के ग्राम चौथिया में वर्ष 2008 में हुए पारदी दंपती हत्याकांड में शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट (सांसद/विधायक विशेष अदालत) भोपाल ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने कांग्रेस सरकार में पूर्व पीएचई मंत्री और मुलताई के पूर्व विधायक सुखदेव पांसे सहित 14 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। यह हत्याकांड लगभग 18 साल पहले हुई थी। घटना के अनुसार वर्ष 2008 में मुलताई के पास चौथिया ग्राम में पारदी समुदाय के डेरे में आगजनी, तोड़फोड़ और अन्य हिंसक घटनाएं हुई थीं। इस दौरान पारदी समुदाय के बोंदरु पारदी और उनकी पत्नी का शव कुंए में पाया गया था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैलाई थी और तत्कालीन प्रशासन और पुलिस की जांच की निगाहें इस घटना पर टिकी थीं।
प्राथमिकी और आरोप
पुलिस ने जांच के बाद नेता समेत कुल 16 ग्रामीणों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया। आरोप था कि यह हत्या और हिंसा समूह द्वारा योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। जांच और अदालत में लंबी सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मृत्यु हो चुकी थी। एमपी-एमएलए कोर्ट, भोपाल के न्यायाधीश ने शुक्रवार को सुनाया कि पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, वर्तमान जिला पंचायत बैतूल अध्यक्ष राजा पवार और अन्य 12 ग्रामीणों को मामले में दोषमुक्त किया जाता है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पर्याप्त साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए निर्णय लिया गया। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि लंबी अवधि तक चलने वाली जांच और सुनवाई के बावजूद कोई ठोस सबूत पेश नहीं हो पाया जो आरोपियों को दोषी सिद्ध करता। इसलिए सभी आरोपियों को सत्य की जीत के रूप में बरी किया गया।
वकीलों की प्रतिक्रिया
बचाव पक्ष के अधिवक्ता वी.के. सक्सेना और संजय रावत ने इस फैसले को सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष थे और अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि आरोप गलत और आधारहीन थे। उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला न्यायपालिका की निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने वाला है। दोषमुक्ति ने आरोपियों और उनके परिवारों को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राहत दी है। यह मामला न केवल बैतूल जिले में बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय रहा। लंबे समय तक चलने वाली इस जांच और अदालत प्रक्रिया ने क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक समूहों के बीच संवेदनशीलता पैदा की थी। पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे और वर्तमान जिला अध्यक्ष राजा पवार की बरी होने से राजनीतिक हलकों में राहत की स्थिति है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में समुदाय और राजनीतिक समूहों के बीच शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
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