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पाक का प्रोपेगैंडा बेनकाब: जनरल धीरज सेठ को हटाने की खबर फर्जी

Tara Tandi
14 Oct 2026 4:56 PM IST
पाक का प्रोपेगैंडा बेनकाब: जनरल धीरज सेठ को हटाने की खबर फर्जी
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नई दिल्ली: भारतीय सेना ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी हैंडल्स से फैलाई जा रही उस झूठी खबर को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को हटाने की तैयारी कर रहे हैं।
सेना ने कहा कि यह दावा "मनगढ़ंत" है और इसे पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स ने "बुरी नीयत" से पोस्ट किया था, ताकि सेना के भीतर मतभेद की गलत धारणा बनाई जा सके।
X पर भारतीय सेना के फैक्ट चेक ने कहा, "पाकिस्तान से जुड़े प्रोपेगैंडा अकाउंट्स झूठे दावे फैला रहे हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कथित तौर पर बोलने के कारण हटाने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि सेना के अधिकारियों को उनके आदेशों को न मानने का निर्देश दिया गया है।"
सेना ने आगे कहा, "सच: यह दावा मनगढ़ंत है और इसे पाकिस्तान समर्थित अकाउंट्स ने भारतीय सेना के खिलाफ अपने चल रहे गलत सूचना अभियान के तहत बुरी नीयत से पोस्ट किया है।"
X अकाउंट्स @indiantiwari01 और @Diksha_sharma03 को टैग करते हुए, सेना के फैक्ट-चेकिंग विभाग ने कहा कि ये हैंडल्स "भारत के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बारे में झूठे आरोप फैला रहे हैं और साथ ही भारतीय सेना के भीतर मतभेद की गलत धारणा बना रहे हैं"।
सेना ने आगे कहा, "बिना पुष्टि वाले राजनीतिक आरोप + सेना में अवज्ञा की मनगढ़ंत कहानी + आंतरिक मतभेद के दावे = भारतीय सशस्त्र बलों को निशाना बनाने वाला भ्रामक प्रोपेगैंडा।"
खबरों के अनुसार, भारत के खिलाफ पाकिस्तान का 'डिजिटल जिहाद' अभियान तेज हो गया है, जिसमें फर्जी खबरें फैलाने वाले सुरक्षा बलों और केंद्र सरकार की छवि खराब करने की कोशिशें बढ़ा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर यह बढ़ी हुई गतिविधि ऐसे समय में देखी जा रही है जब भारत भर में चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शन मतदाता सूची की चल रही 'विशेष गहन समीक्षा' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर हो रहे हैं।
पिछले दो हफ्तों में, पाकिस्तान में 5,000 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए गए हैं, जिनका कथित मकसद गलत जानकारी फैलाना और हिंसा भड़काना है।
अधिकारियों के अनुसार, इन अकाउंट्स की अचानक बढ़ोतरी का सीधा संबंध 'विशेष गहन समीक्षा' (SIR) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों से था।
इन पोस्ट्स का मुख्य फोकस कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्रवाई पर है। सोशल मीडिया पर पुलिस की फायरिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले इस्तेमाल करने के बारे में समय-समय पर झूठे दावे फैलाए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा अधिकारियों और सरकारी नोटिफ़िकेशन से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
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