'पढ़े भारत अभियान': केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 5 नए पुस्तकों के नाम किए साझा

दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के लिए 100 दिवसीय पठन अभियान की शुरुआत की. इस पठन अभियान का केंद्र कक्षा 8वीं के छात्र छात्राओं पर होगा और उनके भीतर पुस्तकों को पढ़ने के लिए एक इच्छा शक्ति जगाई जाएगी. 01 जनवरी 2022 से इस कैंपेन (Padhe Bharat Campaign) की शुरुआत हुई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Education Minister Dharmendra Pradhan) का मानना हैं कि छात्र जितनी पुस्तके अपने जीवन में पढ़ेंगे उतना ही आगे देश बढ़ेगा. अभियान की पहली 5 पुस्तकों की सूची जारी कर दी गई है. धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि किताबें पढ़ना एक स्वस्थ आदत है और संज्ञानात्मक, भाषा और सामाजिक कौशल विकसित करने का एक शानदार तरीका है.
इस अभियान के तहत, धर्मेंद्र प्रधान ने उन पांच पुस्तकों के नाम साझा किए हैं. आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने सभी को किताबें पढ़ने की आदत अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया.
एटॉमिक हैबिट्स बाय जेम्स क्लियर.
लिटिल बुक ऑफ हैप्पीनेस बाय रस्किं बोंड.
रिफ्लेक्शन बाय स्वामी विवेकानंद.
चिलिका बाय कबीबरा राधानाथ रे.
प्रायश्चित बाय फकीर मोहन सेनापति (ओडिया लेखक).
पढ़ेगा भारत अभियान का पहला चरण 14 सप्ताह तक जारी रहेगा जिसमें हर तरह की किताबें छात्रों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा. दिशा निर्देश में छात्रों के लिए गतिविधियों का एक कैलेंडर हैं साथ ही इन गतिविधियों का गठन इस तरह से किया जाता है कि छात्र उन्हें घर पर उपलब्ध संसाधनों की मदद से कर सकें. दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल बंद होने की स्थिति में छात्र परिवार या साथियों की मदद ले सकते हैं.





