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PACL घोटाला: 49 हजार करोड़ की ठगी का आरोपी डायरेक्टर गुरजंत सिंह गिल गिरफ्तार

Shantanu Roy
29 Aug 2025 7:14 PM IST
PACL घोटाला: 49 हजार करोड़ की ठगी का आरोपी डायरेक्टर गुरजंत सिंह गिल गिरफ्तार
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बड़ी खबर
Lucknow. लखनऊ। देश के सबसे बड़े चिटफंड घोटालों में से एक PACL घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण संगठन (EOW) की टीम ने कंपनी के डायरेक्टर गुरजंत सिंह गिल को पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार कर लिया है। गिल पर निवेशकों से हजारों करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह घोटाला करीब 49 हजार करोड़ रुपये का है, जिसे अब तक भारत के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जाता है।
क्या है PACL घोटाला?
PACL यानी पीयरलेस एग्रो एंड रियल एस्टेट कंपनी लिमिटेड पर करोड़ों निवेशकों को जमीन और रियल एस्टेट में निवेश का झांसा देने का आरोप है। कंपनी ने छोटे शहरों और गांवों में अपने एजेंटों के जरिए निवेशकों से पैसा जुटाया और दावा किया कि उन्हें रियल एस्टेट में ऊंचा रिटर्न मिलेगा। लेकिन असल में कंपनी ने यह रकम कहीं भी निवेश नहीं की और धीरे-धीरे हजारों करोड़ की रकम हड़प ली।
49 हजार करोड़ का गबन
जांच एजेंसियों के मुताबिक, PACL ने देशभर से करीब 5 करोड़ निवेशकों से पैसे इकट्ठे किए। यह रकम लगभग 49 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह घोटाला इतना बड़ा था कि सेबी (SEBI) और सुप्रीम कोर्ट तक को इसमें दखल देना पड़ा। निवेशकों को अब तक अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस नहीं मिल पाई है।
गुरजंत सिंह गिल की गिरफ्तारी क्यों अहम?
EOW का कहना है कि गुरजंत सिंह गिल PACL कंपनी के उन डायरेक्टर्स में से एक है, जिन्होंने योजनाओं को डिजाइन करने और फंड्स को इधर-उधर करने में सीधी भूमिका निभाई। गिल लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ वारंट जारी था। कई बार उसे पकड़ने की कोशिश हुई लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा। आखिरकार EOW की टीम ने मोहाली में छापेमारी कर उसे दबोच लिया।
निवेशकों को उम्मीद की किरण
गिल की गिरफ्तारी के बाद अब उन लाखों निवेशकों को उम्मीद जगी है जिन्होंने PACL में पैसे लगाए थे। एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान गिल से कंपनी के फंडिंग नेटवर्क, विदेश में भेजी गई रकम और अन्य डायरेक्टर्स की संलिप्तता को लेकर अहम सुराग मिल सकते हैं। इससे घोटाले में शामिल और बड़े चेहरों का खुलासा हो सकता है। EOW गिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। एजेंसी यह भी जांच करेगी कि आखिरकार इतनी बड़ी रकम किन-किन खातों और शेल कंपनियों के जरिए हेराफेरी की गई। माना जा रहा है कि इस पूछताछ के बाद कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पहले से ही PACL के एसेट्स को बेचकर निवेशकों को पैसा लौटाने की प्रक्रिया चल रही है।
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