
नई दिल्ली। देश में नागरिकता और मतदाता सूची को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि केंद्र सरकार देश में NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) लागू करने की तैयारी कर सकती है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कहा कि उनकी बैठकों के पीछे कोई न कोई ठोस योजना होती है और यह केवल दिखावे की कार्रवाई नहीं होती। ओवैसी ने कहा कि अमित शाह जब कोई बैठक करते हैं तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्रालय की ओर से एक हाई लेवल कमीशन बनाया गया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज को शामिल किया गया है। यह कमीशन उन इलाकों की जांच करेगा, जहां जनसांख्यिकी यानी डेमोग्राफी में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार उन क्षेत्रों पर नजर रख रही है, जहां अचानक आबादी में बदलाव आया है। ओवैसी ने आशंका जताई कि यह प्रक्रिया आगे चलकर NRC लागू करने की दिशा में बढ़ सकती है।
SIR प्रक्रिया को लेकर भी उठाए सवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और सरकार अब उन नामों की भी जांच कर सकती है। ओवैसी ने कहा कि अगर गृह मंत्रालय की ओर से इस तरह की बैठकें हो रही हैं तो इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी के लिए ऐसी कवायद नहीं की जाती, बल्कि इसके पीछे कोई योजना बनाई जाती है।
हालांकि, ओवैसी के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है और उनके दावों को राजनीतिक बयानबाजी बताया है।
भाजपा ने ओवैसी पर साधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश रेड्डी ने ओवैसी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल वास्तविक और योग्य मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी अवैध रूप से रह रहे लोगों के मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए उठा रहे हैं। रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में स्थायी निवास प्रमाण पत्र (PRC) और नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर ओवैसी की मांगों का मकसद देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदाय के अवैध प्रवासी रह रहे हैं, जिनकी पहचान जरूरी है। भाजपा नेता ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की जाए, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर सियासत तेज
प्रकाश रेड्डी ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी कानून पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, इसलिए देश में रहने वाले लोगों की पहचान भारतीय कानूनों के आधार पर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी केवल राजनीतिक और चुनावी लाभ के लिए इस मुद्दे को उठा रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि सरकार का ध्यान देश की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता बनाए रखने पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी को अवैध प्रवासियों की चिंता ज्यादा है, जबकि देश के पुराने और वास्तविक नागरिकों के हितों पर ध्यान देना चाहिए।
NRC और SIR को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
NRC और SIR जैसे मुद्दे पहले भी देश की राजनीति में चर्चा का केंद्र रहे हैं। विपक्षी दल जहां इन प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, वहीं सरकार का कहना है कि मतदाता सूची और नागरिकता से जुड़ी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार की जाती हैं।
ओवैसी के ताजा बयान के बाद एक बार फिर नागरिकता, जनसांख्यिकी बदलाव और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आगे की प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।





