भारत

ओडिशा में छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा अभियान में 40 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए

SHIDDHANT
15 Aug 2026 12:04 AM IST
ओडिशा में छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा अभियान में 40 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए
x
Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से निपटने और छात्रों व युवाओं के बीच सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान चलाया। साथ ही, उन्हें साइबर जागरूकता का एंबेसडर बनने के लिए सशक्त भी किया। यह अभियान ओडिशा पुलिस ने स्कूल और जन शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित किया था।
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (क्राइम ब्रांच) विनयतोष मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस अभियान में 35 पुलिस जिलों के 20,000 से ज्यादा स्कूलों और 2,000 से ज्यादा कॉलेजों ने लाइव वेबकास्ट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में 40 लाख से ज्यादा छात्र, शिक्षक, अभिभावक और पुलिसकर्मी शामिल हुए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, छात्र और युवा तेजी से ऑनलाइन धोखाधड़ी, ब्लैकमेल और कई तरह के डिजिटल शोषण का शिकार हो रहे हैं।
राज्य सरकार ने कहा कि कुछ मामलों में, लोगों ने अनजाने में अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या पहचान के दस्तावेज साइबर अपराधियों को गलत इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को साइबर खतरों के बारे में जागरूक करना, उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में शिक्षित करना और उन्हें अपने परिवारों और समाज में 'साइबर जागरूकता का एंबेसडर' बनने के लिए सशक्त बनाना था।
ओडिशा के गवर्नर ने छात्रों से साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क और जागरूक रहने की अपील की। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने साइबर-सुरक्षित ओडिशा बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया और उनसे अपने परिवारों, दोस्तों और समुदायों के बीच साइबर जागरूकता के एंबेसडर के तौर पर काम करने को कहा। कार्यक्रम के दौरान, लोगों को सलाह दी गई कि साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड होने पर वे तुरंत '1930' पर कॉल करें और पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
उन्हें बताया गया कि जल्द रिपोर्ट करने से धोखाधड़ी वाले फंड के ट्रांसफर को रोकने और पैसे वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है। कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बैंक, सरकारी दफ़्तर और पुलिस अधिकारी कभी भी ओटीपी, पिन, सीवीवी या पासवर्ड नहीं मांगते।
Next Story