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Gujrat गुजरात। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लेकर आस्था और संस्कृति का अद्भुत दृश्य पेश किया। यह पर्व 8 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया और इसे मंदिर की 1000 साल से भी अधिक इतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता के प्रतीक के रूप में मनाया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने 72 घंटे तक चलने वाले 'ओम' मंत्रोच्चार और कार्यक्रम में आयोजित भव्य ड्रोन शो में भी सहभागिता की।
सोमनाथ मंदिर प्रशासन ने इस पर्व को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व देने के लिए विशेष तैयारियां की थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 जनवरी को मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भक्तों के साथ 'ओम' मंत्रोच्चार में सम्मिलित हुए। यह 72 घंटे तक लगातार चलने वाला मंत्रोच्चार पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारी आस्था, संस्कृति और गौरव का प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देशवासियों को अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर भी देता है। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे अपनी आस्था को मजबूत रखें और संस्कृति के प्रति सम्मान बनाए रखें।
इस आयोजन के दौरान ड्रोन शो ने दर्शकों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींचा। सोमनाथ मंदिर के ऊपर आसमान में हजारों रोशनी वाले ड्रोन ने मंदिर और उसके इतिहास को दर्शाते हुए अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। ड्रोन शो ने मंदिर की भव्यता और पर्व की गरिमा को बढ़ाते हुए हजारों लोगों के लिए एक यादगार अनुभव प्रस्तुत किया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य न केवल आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है। गुजरात पर्यटन विभाग ने इस अवसर पर पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को सजाया गया, और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं सुनिश्चित की गईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि सोमनाथ मंदिर की यह विरासत हमें अपने इतिहास की महानता और देश के सांस्कृतिक गौरव का स्मरण कराती है। इस पर्व में शामिल होना मेरे लिए व्यक्तिगत और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश के लोग अपनी संस्कृति और आस्था से हमेशा जुड़े रहें, यही हमारी पहचान है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और उन्होंने इस 72 घंटे तक चलने वाले मंत्रोच्चार और भव्य ड्रोन शो का आनंद लिया। भक्तों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ 'ओम' मंत्रोच्चार में हिस्सा लेकर अपनी आस्था व्यक्त की। प्रशासन ने सभी सुरक्षा और व्यवस्थापकीय उपाय सुनिश्चित किए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सका।
इस आयोजन ने गुजरात और पूरे भारत में आस्था और संस्कृति का संदेश फैलाया। प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी ने इसे और अधिक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण बना दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव दिया, बल्कि देशवासियों में सांस्कृतिक चेतना और गर्व की भावना भी जगाई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह पर्व राज्य और देश के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना, जिसने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन को एक साथ जोड़ा। आगामी वर्षों में भी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को इसी तरह श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए यादगार बनाने की योजना बनाई गई है।
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