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दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात के बाद विपक्षी नेता बाहर निकल गए। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के समक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। मिली जानकारी के अनुसार, विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इसी आधार पर विपक्षी दल लगातार निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रियाओं से संबंधित कुछ मामलों में अनियमितताएं सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। इससे पहले शुक्रवार को INDIA गठबंधन के सांसद संसद के सेंट्रल हॉल में एकत्र हुए थे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वहां विपक्षी सांसदों को संबोधित किया था। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता के महत्व की बात की थी।
राष्ट्रपति भवन में मुलाकात के लिए शुक्रवार रात 8 बजे का समय निर्धारित किया गया था। विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव और माकपा महासचिव एम. ए. बेबी सहित अन्य नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है। विपक्ष का आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए और प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने पुनरीक्षण प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा है कि मतदाता सूची से मृत, दोहरे पंजीकरण वाले और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इस मुद्दे से संबंधित मामले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन किए थे। राजघाट पर भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन कर चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगें दोहराई थीं।
शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में हुई मुलाकात के बाद विपक्षी नेताओं के बाहर निकलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, राष्ट्रपति की ओर से प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई, इसका विस्तृत आधिकारिक विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखे हुए है। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्ष की आगे की रणनीति पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
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