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Haryana हरियाणा: वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरण मानकों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने “ऑपरेशन क्लीन एयर” के तहत हरियाणा के नूंह जिले में बड़े पैमाने पर प्रवर्तन निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कुल 105 औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों का गहन निरीक्षण किया गया। सीएक्यूएम की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के इलाकों में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करना और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाना रहा। नूंह जिला लंबे समय से अवैध औद्योगिक गतिविधियों, ईंट भट्ठों, स्टोन क्रशर, हॉट मिक्स प्लांट और अन्य प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को लेकर चर्चा में रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कई इकाइयों में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाया गया। कुछ इकाइयां बिना वैध अनुमति के संचालित हो रही थीं, जबकि कई जगह प्रदूषण नियंत्रण उपकरण या तो लगे ही नहीं थे या फिर खराब स्थिति में पाए गए। विशेष रूप से धूल नियंत्रण, उत्सर्जन मानकों, अपशिष्ट प्रबंधन और ईंधन के उपयोग से जुड़े नियमों के उल्लंघन सामने आए। सीएक्यूएम की टीम ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर यह अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान इकाइयों के दस्तावेजों की जांच, ऑन-साइट निरीक्षण, मशीनरी और ईंधन के उपयोग का सत्यापन तथा प्रदूषण नियंत्रण उपायों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जिन इकाइयों में गंभीर उल्लंघन पाए गए हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, संचालन पर रोक, नोटिस जारी करना और आवश्यकता पड़ने पर इकाइयों को सील करने जैसी सख्त कार्रवाई भी शामिल है। सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि वायु प्रदूषण से संबंधित किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “ऑपरेशन क्लीन एयर” के तहत यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब सर्दियों के मौसम में एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता अक्सर गंभीर स्तर तक पहुंच जाती है। धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और अवैध गतिविधियां प्रदूषण के प्रमुख कारण मानी जाती हैं। नूंह जैसे जिलों में स्थित अनियंत्रित इकाइयों का असर दिल्ली-एनसीआर की हवा पर भी पड़ता है।
सीएक्यूएम के अधिकारियों ने कहा कि आयोग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर प्रदूषण के वास्तविक स्रोतों को खत्म करने पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में आने वाले दिनों में अन्य संवेदनशील जिलों में भी इसी तरह के व्यापक निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित निगरानी रखें और बिना अनुमति संचालित हो रही इकाइयों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही, उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाने, हरित मानकों का पालन करने और स्वच्छ ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सीएक्यूएम का मानना है कि “ऑपरेशन क्लीन एयर” जैसे अभियानों से न केवल नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि उद्योगों और कारोबारियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी। दीर्घकालिक लक्ष्य यह है कि एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाया जा सके और आम जनता को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराई जा सके।
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