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कर्नाटक : मंगलुरु में मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) के संयंत्र में बुधवार को जोरदार धमाके के बाद आग लग गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि नौ श्रमिक घायल हो गए। आग पर अब काबू पा लिया गया है। मंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर दर्शन एच.वी. ने मीडिया को बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है और नौ मजदूर घायल हुए हैं। मृतक की पहचान 30 वर्षीय मनीष के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, मंगलुरु के बाहरी इलाके हलेयांगडी निवासी मनीष एमआरपीएल संयंत्र में इलेक्ट्रिशियन के तौर पर काम करता था। विस्फोट के समय वह घायल श्रमिक राजेश बैपटिस्ट के साथ मौके पर मौजूद था। मनीष गंभीर रूप से झुलस गया था। इसके बाद दमकलकर्मियों ने उसके शव को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया।
घायलों की पहचान सुरथकल निवासी बैपटिस्ट, प्रसाद, इंद्रजीत, रमन, जेरोम, जयराम, अविनाश, अक्षय और एक अन्य व्यक्ति के रूप में हुई है। बैपटिस्ट करीब 30 प्रतिशत झुलस गया है और उसे श्रीनिवास अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों का इलाज एजी अस्पताल और एमआरपीएल अस्पताल में चल रहा है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 12.15 बजे एमआरपीएल के हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में टेस्टिंग के दौरान जोरदार विस्फोट हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, सुबह 11.30 बजे शिफ्ट बदलने के बाद कई कर्मचारी यूनिट से बाहर निकल चुके थे। ऐसे में एक बड़ी जनहानि टल गई। यदि उस समय बड़ी संख्या में कर्मचारी यूनिट के भीतर मौजूद होते तो हादसा और गंभीर हो सकता था।
मंगलुरु के जिला प्रभारी मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने कहा कि एमआरपीएल में टेस्टिंग के दौरान विस्फोट हुआ। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और स्थिति अब नियंत्रण में है।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि एमआरपीएल के आसपास के पनांबुर, कावूर, सुरथकल और जोकट्टे इलाकों में कई घरों में कंपन महसूस किया गया। धमाके की तीव्रता एमआरपीएल कैमरों में भी कैद हुई। जोकट्टे में ग्राम पंचायत कार्यालय और आसपास के घरों के दरवाजे-खिड़कियां हिल गईं, जबकि कुछ स्थानों पर शीशे भी टूट गए। धमाके के बाद आसपास के इलाकों में धुएं का गुबार छा गया।
एमआरपीएल के पास स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र भी धमाके से प्रभावित हुआ। केंद्र की खिड़की के शीशे और दीवार को नुकसान पहुंचा। एहतियात के तौर पर वहां मौजूद बच्चों को तत्काल बाहर निकाल लिया गया। धमाके का असर एमआरपीएल से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित एक चर्च तक भी पहुंचा। चर्च की छत की टाइलें टूट गईं और खिड़की-दरवाजों को भी नुकसान पहुंचा। मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट का असर एयरपोर्ट परिसर में भी महसूस किया गया, लेकिन बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही कोई शीशा टूटा।
विस्फोट के बाद यूनिट के बॉयलर सेक्शन में आग लग गई और आसपास का इलाका घने धुएं से भर गया। सूचना मिलते ही एमआरपीएल की फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के कर्मी तथा शहर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। बाद में आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल विस्फोट के सही कारण और इससे हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मुनीर कटिपल्ला ने घटना पर चिंता जताते हुए दावा किया कि एमआरपीएल के संचालन को लेकर पहले भी सुरक्षा संबंधी सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि जब करीब 10 साल पहले यूनिट की स्थापना और संचालन शुरू हुआ था, तब स्थानीय लोगों ने विरोध किया था और इसे खतरनाक बताया था।
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