भारत

OMG! Video Call पर लड़की ने उतरवाए कपडे, फिर शुरू की ब्लैकमेलिंग

SHIDDHANT
1 Sept 2026 11:19 PM IST
OMG! Video Call पर लड़की ने उतरवाए कपडे, फिर शुरू की ब्लैकमेलिंग
x
वीडियो कॉल बना जाल युवक को ब्लैकमेल कर ऐंठे 2 लाख
BARELY बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में साइबर ब्लैकमेलिंग का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक को कथित तौर पर अनजान नंबर से फोन कर पहले दोस्ती के जाल में फंसाया गया और फिर निजी वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उससे दो लाख रुपये वसूल लिए गए। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी महिला को अमृतसर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि युवक के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाली महिला ने शुरुआत में कहा कि उससे गलती से नंबर लग गया है। इसके बाद बातचीत खत्म होने के बजाय दोनों के बीच लगातार संपर्क होने लगा। आरोप है कि महिला ने युवक से दोस्ती बढ़ाई और कुछ समय बाद दोनों के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत शुरू हो गई।
इसी दौरान कथित तौर पर युवक का निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। इसके बाद महिला ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवक से पैसे की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि वीडियो सार्वजनिक होने के डर से युवक ने शुरुआत में दो लाख रुपये दे दिए। इसके बावजूद कथित ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई। आरोप है कि महिला ने युवक से दो लाख रुपये और मांगे। बार-बार पैसे मांगे जाने के बाद युवक ने पुलिस से मदद लेने का फैसला किया और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने मोबाइल नंबर, डिजिटल लेनदेन और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी के मुताबिक, जांच के बाद पुलिस ने अमृतसर से एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान अमृता कौर के रूप में बताई जा रही है। मामले में लगे आरोपों और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जांच जारी रहने की बात कही गई है।
यह मामला एक बार फिर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल और वीडियो कॉल के जरिए होने वाली साइबर ब्लैकमेलिंग के खतरे की ओर ध्यान दिलाता है। साइबर अपराधी कई मामलों में पहले दोस्ती और भरोसा कायम करते हैं और बाद में निजी तस्वीरों या वीडियो का इस्तेमाल कर पीड़ित से पैसे मांगते हैं। ऐसी स्थिति में पैसे देकर मामले को दबाने की कोशिश करने के बजाय साइबर पुलिस से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। संदिग्ध नंबर, चैट, कॉल रिकॉर्ड, लेनदेन की जानकारी और अन्य डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने से जांच में मदद मिल सकती है।
Next Story