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Odisha ओडिशा: राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने लोक भवन में आयोजित कुलपतियों (Vice-Chancellors) के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा संस्थानों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को आधुनिक शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ-साथ भारतीय मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा रहना चाहिए।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे छात्रों का निर्माण करना चाहिए जो वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हों और समाज के विकास में सकारात्मक योगदान दें। उन्होंने विश्वविद्यालयों से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
हरि बाबू कंभमपति ने कहा कि भारत तेजी से ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और इस परिवर्तन में विश्वविद्यालयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कुलपतियों से नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने और छात्रों को रोजगारोन्मुखी तथा कौशल-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।
सम्मेलन के दौरान उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों, विश्वविद्यालयों के विकास, अनुसंधान गतिविधियों और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि ओडिशा के विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेंगे।
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