
यूपी। हाथरस जिले में शुक्रवार तड़के तेज रफ्तार थार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में थार सवार एनएसजी कमांडो की मौत हो गई। उसके तीन दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आगरा रेफर किया गया है। हाथरस जिले के सादाबाद सर्किल के पुलिस उपाक्षीक्षक के मुताबिक, घायलों को उनके परिजन मथुरा ले गए थे। जहां NSG कमांडो की मौत हो गई है। जांच की जा रही है। सभी युवक मथुरा से अपने दोस्त के घर हाथरस में गुरुवार को होली खेलने आए थे। शुक्रवार तड़के अपने गांव लौट रहे थे, तभी अचानक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े नीम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
यूपी – हाथरस में थार पेड़ से टकराई। NSG कमांडो योगेंद्र सिंह की मौत हुई, 3 दोस्तों की हालत गंभीर है। ये सभी होली खेलकर हाथरस से मथुरा जा रहे थे। टक्कर इतनी तेज थी कि थार चकनाचूर हो गई। गेट और पहिए अलग–अलग हो गए। pic.twitter.com/ZXN64KRWaQ
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) March 6, 2026
पुलिस के मुताबिक, मथुरा के राया क्षेत्र के रहने वाले योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा (32) पुत्र बीरबल सिंह अपने तीन दोस्तों विष्णु कुमार पुत्र श्यामवीर सिंह, सत्यवीर सिंह पुत्र रामचरण सिंह और जीतू पुत्र छीतर सिंह के साथ अपनी थार गाड़ी से होली खेलने दोस्त के साथ मथुरा से हाथरस घर आए थे। योगेंद्र एनएसजी कमांडो था।
गुरुवार शाम को होली खेलने के बाद शुक्रवार तड़के सभी अपने घर मथुरा लौटने के लिए निकले थे। कार एनएसजी कमांडो योगेंद्र ही चला रहे थे। सादाबाद के पास राया मार्ग पर गांव पल्हावत के मंदिर के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। ऊंचा गांव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। सादाबाद सीएचसी भिजवाया। डॉक्टरों ने सभी को प्राथमिक उपचार देने के बाद आगरा के लिए रेफर कर दिया। आगरा पहुंचने पर परिजनों ने एनएसजी कमांडो योगेंद्र सिंह को मिलिट्री हॉस्पिटल मथुरा में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाकी तीनों युवकों की हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि योगेंद्र भारतीय सेना में 2010 में भर्ती हुए थे। फिलहाल राजस्थान के अलवर में पोस्टिंग थी। परिवार में पिता-मां और पत्नी एकता सिंह के अलावा एक तीन साल की बेटी और एक साल का बेटा है। योगेंद्र 25 दिन पहले छुट्टी पर घर आए थे। 31 मार्च 2026 को योगेंद्र की नौकरी के 15 साल पूरे होने थे। इसके बाद वह वीआरएस लेने वाले थे। उनके साथ मौजूद दोस्त विष्णु (28) भी नेवी में हैं। तैनाती विशाखापत्तनम में है। सत्यवीर (32) और जितेंद्र (30) मथुरा में ही रहते थे।





