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5,000 टन का ‘फ्लोटिंग बेस’ शिप, उत्तर कोरिया की नई ताकत सामने

SHIDDHANT
6 Jun 2026 8:24 PM IST
5,000 टन का ‘फ्लोटिंग बेस’ शिप, उत्तर कोरिया की नई ताकत सामने
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नौसैनिक शक्ति
North Korea उत्तर कोरिया: अपनी नौसेना के सबसे खतरनाक और महाविनाशकारी हथियार, 5,000 टन वजनी ‘कांग कोन’ डिस्ट्रॉयर शिप का परीक्षण कर दुनिया का ध्यान खींचा है। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए (KCNA) के अनुसार, यह युद्धपोत अनलिमिटेड न्यूक्लियर और क्रूज मिसाइलों से लैस है और इसे एक चलता-फिरता ‘फ्लोटिंग बेस’ बनाया गया है। परीक्षण के दौरान किम जोंग उन ने शिप का दौरा किया और इसके विभिन्न सैन्य और क्षमता परीक्षणों का अवलोकन किया। इस डिस्ट्रॉयर की सबसे बड़ी खासियत इसकी मिसाइल दागने की असीमित क्षमता है, जो इसे किसी भी टारगेट पर हमला करने के लिए बेहद घातक बनाती है। इसके डिजाइन के अनुसार, यह शिप पानी के ऊपर और नीचे दोनों जगह से हमला करने में सक्षम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस शिप का उद्देश्य उत्तर कोरिया की नौसैनिक शक्ति को मजबूत करना और किसी भी संभावित दुश्मन के लिए बड़ा खतरा बनाना है। कांग कोन शिप का निर्माण इस तरह किया गया है कि यह लंबी दूरी की न्यूक्लियर और क्रूज मिसाइलों का निरंतर संचालन कर सके। इस परीक्षण का समय भी संवेदनशील है, क्योंकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उत्तर कोरिया दौरे पर आने वाले हैं। इस कदम से क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता पर भी ध्यान केंद्रित हो गया है। एनालिस्टों का कहना है कि यह शिप उत्तर कोरिया की सैन्य ताकत का प्रतीक है और इसका प्रदर्शन देश की सैन्य महत्वाकांक्षा को दिखाता है। किम जोंग उन ने इस शिप को मीडिया के सामने प्रदर्शित करते हुए इसे अपनी नौसेना का सबसे घातक हथियार बताया। विशेषज्ञ इसे आधुनिक युद्ध और रणनीतिक सामरिक क्षमता में उत्तर कोरिया की बढ़ती ताकत का संकेत मान रहे हैं।
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