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Greater Noida. ग्रेटर नोएडा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने अब सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने लोटस ग्रीन बिल्डर के मालिक निर्मल सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कराया है। इस कार्रवाई की पुष्टि डीसीपी ग्रेटर नोएडा ने की है। पुलिस के अनुसार आरोपी बिल्डर लंबे समय से फरार चल रहा है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
यह मामला सामने आने के बाद से ही इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। युवराज मेहता की मौत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जिस निर्माणाधीन प्रोजेक्ट से यह हादसा जुड़ा है, वहां सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की गई थी। पुलिस का मानना है कि इस लापरवाही की सीधी जिम्मेदारी बिल्डर और प्रोजेक्ट प्रबंधन पर बनती है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद अदालत में रिपोर्ट पेश की गई थी। कोर्ट ने रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए लोटस ग्रीन बिल्डर के मालिक निर्मल सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके बाद पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में सक्रिय हो गई हैं।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस मामले में मृतक युवराज मेहता के परिजनों ने शुरुआत से ही बिल्डर और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों का कहना था कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम नहीं थे, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने इसे एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही से हुई मौत बताया था।
युवराज मेहता एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था और अपने करियर को लेकर काफी आशावान था। उसकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि निर्माण स्थलों पर बरती जा रही लापरवाही का भी है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद बिल्डर निर्मल सिंह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि NBW जारी होने के बाद आरोपी के लिए राहत पाना आसान नहीं होता। पुलिस किसी भी समय उसे गिरफ्तार कर सकती है और अदालत में पेश कर सकती है।
फिलहाल ग्रेटर नोएडा पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं युवराज मेहता के परिजन और स्थानीय लोग इस कार्रवाई को न्याय की दिशा में एक अहम कदम मान रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब तक आरोपी को पकड़कर कानून के कटघरे में खड़ा करती है।
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