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यूपी राज्यसभा चुनाव में दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे खारिज

SHIDDHANT
7 Oct 2026 9:03 PM IST
यूपी राज्यसभा चुनाव में दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे खारिज
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज कर दिए गए। इसके बाद अब भारतीय जनता पार्टी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं। ऐसे में सभी 10 प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। औपचारिक घोषणा नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 9 अक्टूबर को की जाएगी।
राज्यसभा की इन 10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें भाजपा के आठ, समाजवादी पार्टी के दो और दो निर्दलीय प्रत्याशी शामिल थे। निर्दलीय उम्मीदवारों में कांते सायन्ना और ओंकार नाथ चौरसिया शामिल थे। जांच के दौरान प्रस्तावकों से संबंधित जरूरी औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण दोनों के नामांकन निरस्त कर दिए गए।
राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के नामांकन के लिए निर्धारित संख्या में विधायकों का प्रस्तावक होना जरूरी होता है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन में आवश्यक प्रस्तावकों की शर्त पूरी नहीं हुई थी। इसी आधार पर उनके पर्चे जांच में टिक नहीं सके।
भाजपा के आठ, सपा के दो उम्मीदवार
भाजपा की ओर से आठ उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह और श्रुति गंगवार शामिल हैं। वहीं समाजवादी पार्टी ने रामगोपाल यादव और धनराज नथवाणी को मैदान में उतारा है।
पहले संभावना जताई जा रही थी कि समाजवादी पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को रोचक बना सकती है, लेकिन नामांकन के अंतिम दिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद ही भाजपा के आठ और सपा के दो प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बन गई थी।
9 अक्टूबर को होगी औपचारिक घोषणा
नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने और दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने के बाद अब मैदान में उम्मीदवारों की संख्या भी सीटों के बराबर 10 रह गई है। नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर है। यदि इनमें से कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस नहीं लेता है, तो सभी 10 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।
इस तरह उत्तर प्रदेश में इस बार राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की नौबत आने की संभावना समाप्त हो गई है। भाजपा के खाते में आठ और समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें जाना तय है।
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