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नैनो यूरिया संयंत्र का उद्घाटन: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- कितनी भी कठिनाई हो, किसानों पर बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा, पढ़े पूरी बात

jantaserishta.com
28 May 2022 11:49 AM GMT
नैनो यूरिया संयंत्र का उद्घाटन: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- कितनी भी कठिनाई हो, किसानों पर बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा, पढ़े पूरी बात
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नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है जिसमें गुजरात की बड़ी हिस्सेदारी है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भागीदारी भी निभा रहा है. ये कारोबार ज्यादातर हमारी माताएं-बहनें संभालती हैं. भारत के छोटे किसानों और भूमिहीन श्रमिकों के लिए बहुत बड़ा संबल है. बीते दशकों में गुजरात में अधिक समृद्धि देखने को मिली है तो इसका बड़ा कारण डेयरी से जुड़े सहकारिता विभाग रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के सामने जो समस्याएं हैं, ऐसा नहीं है कि ये समस्याएं पहले नहीं थी, लेकिन पहले की सरकारों ने इन समस्याओं पर सीमित प्रयास किया. गुजरात का किसान प्रगतिशील है. जिस प्रकार की खबरें गुजरात से आ रही है कि प्राकृतिक खेती की ओर छोटा किसान भी मुड़ने लगा है. इस पहल के लिए मैं उन्हें प्रणाम करता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता में कई मुश्किलों का हल है, ये सफलता के साथ अनुभव किया है. सहकारिता की बात आती है तो वैंकुट भाई मेहता की याद आती है. भारत सरकार उनके नाम पर बड़ा इंस्टीट्यूट चलाती है.
बीते दो सालों में कोरोना और लॉकडाउन के कारण इंटरनेशनल मार्केट में फर्टिलाइजर की कीमत बढ़ गई थी. इसके बाद रूस और यूक्रेन का युद्ध आ गया. कीमतों को और अधिक बढ़ा दिया. किसानों के प्रति संवेदनशील हमारी सरकार ने तय किया कि अंतरराष्ट्रीय स्थितियां चिंताजनक है, कठिनाईयां हैं, मुश्किलें हैं लेकिन हमारी कोशिश है कि ये सब मुसीबतें हम झेलेंगे, किसानों को कोई फर्क नहीं पड़ने देंगे. भारत विदेशों से यूरिया मंगाता है, उसमें यूरिया का 50 किलो को एक बैग 3500 का पड़ता है लेकिन देश में ये बैग सिर्फ 300 रुपए में दिया जाता है. यूरिया के एक बैग पर हमारी सरकार 3200 रुपए का बोझ उठाती है.
भारत फर्टिलाइजर के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर है लेकिन उत्पादन के मामले में हम तीसरे नंबर पर हैं. पहले यूरिया खेत में जाने के बजाए कालाबाजारी का शिकार हो जाता था. किसान लाठियां खाने को मजबूर होता था. जो बड़ी यूरिया की फैक्ट्रियां थी, वो नई टेक्नोलॉजी के अभाव में बंद हो गई थी. 2014 में सरकार बनने के बाद यूरिया के संबंध में काम किया. देश के किसानों को पर्याप्त यूरिया मिलना सुनिश्चित हुआ. बंद पड़े कारखानों को शुरू करने का काम किया है. यूपी तेलंगाना की फैक्ट्रियां शुरू हो चुकी है.
अमित शाह ने कहा कि आज पूरे देश में गुजरात सहकारी आंदोलन को एक सफल मॉडल माना जाता है. देश भर के सभी राज्यों में गुजरात एकमात्र ऐसा राज्य है जहां सहकारिता पूरी पारदर्शिता के साथ चलती है. अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक नैनो यूरिया (तरल) संयंत्र का उद्घाटन करेंगे. इससे हमारी जमीन, पानी बचेगा, वायु प्रदूषण नहीं होगा, हमारे किसान स्वस्थ रहेंगे और परिवहन की कोई आवश्यकता नहीं होगी.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सहकारिता का डेटा बैंक आजतक नहीं था. इसे भारत सरकार तैयारी कर रही है. नए मंत्रालय बनाए जाने के बाद कई क्षेत्रों पारदर्शिता आएगी. अमित शाह ने कहा कि नैनो यूरिया किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा. उन्होंने कहा कि ये इतना छोटा होगा कि किसान इसे अपनी जेब में रखकर ले जा सकेगा. इससे ट्रांसपोर्टेशन और श्रम बचेगा.



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