
बिहार के सीएम नीतीश कुमार शुक्रवार यानी आज दोपहर 12.15 बजे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले लेंगे। इसे बिहार में सत्ता परिवर्तन का संकेत भी माना जा रहा है। सीएम नीतीश कुमार ने नीतीश कुमार गुरुवार दोपहर नई दिल्ली पहुंचते ही साफ कर दिया है कि बिहार में अब नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहां रहना चाहिए, और मैं यही कर रहा हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं वहां अपने पद से हट जाऊंगा और यहां काम करूंगा। मैं तीन या चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए लोगों को मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाएगा।' नीतीश कुमार के साथ जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे। इससे पहले संजय झा ने संकेत दिया था कि बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होगी। नीतीश कुमार के ताजा बयान से अब यह साफ हो गया है कि नेतृत्व परिवर्तन जल्द होने वाला है। वहीं, बिहार के मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि पूरा एनडीए, जिसमें भाजपा और उसके सहयोगी शामिल हैं, सभी नीतीश कुमार के शासन मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। वे भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां बिहार में नेतृत्व और सत्ता साझेदारी को लेकर चर्चा होने की संभावना है। ये उच्चस्तरीय बैठकें बिहार में चल रहे राजनीतिक बदलाव के बीच हो रही हैं, जहां नीतीश कुमार पहले ही राज्यसभा में जाने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ने का संकेत दे चुके हैं।
बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर विभिन्न वर्गों में जारी अटकलों के बीच, बृहस्पतिवार को पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय के बाहर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में पोस्टर लगाए गए लेकिन इनमें से कुछ पोस्टर को बाद में पार्टी कार्यालय के कर्मचारियों ने हटा दिया। यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए दिल्ली रवाना होने के बीच सामने आया। पोस्टर पर ‘वाल्मीकि समाज’ का नाम अंकित था। यह दलित समुदाय पारंपरिक रूप से सफाई कार्य से जुड़ा माना जाता है।





